‘नेट आजादी’ के इस नायक को भूल नहीं सकता सहरसा, पूर्णिया और बेगूसराय

न्यूट्रलिटी यानी भारत में नेट की आजादी पर आखिरी मोहर लगा दी है. यानी अब इंटरनेट प्रोवाइडर ऐसा नहीं कर पायेगा कि फेसबुक, व्हाट्सएप जैसी साइटों को बेहतर स्पीड दे और आपकी हमारी छोटी-छोटी साइटों के साथ स्पीड के मामले में भेदभाव करे. अब फ्री इंटरनेट के नाम पर गूगल, फेसबुक या एयरटेल जैसी कंपनियों को एकाधिकार जमा लेने का मौका नहीं मिलेगा. यह भारत के करोड़ों नेट यूजरों की बड़ी जीत है. मगर क्या आप जानते हैं कि पूंजीवाद के इस दौर में इन भारी-भरकम कंपनियों के खिलाफ किसने…

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