कोई खोया-खोया महसूस कर रहा है, कोई कह रहा है, अच्छा हुआ आदत छूटी

पुष्यमित्र सुबह सवेरे चाय के साथ अखबार पढ़ना कई लोगों की आदत है. चौबीस घंटे वाले न्यूज चैनल और सोशल मीडिया के इस घनघोर दौर में भी यह आदत छूटती नहीं है. इसके बावजूद कि अखबार इन दिनों सरकार चालीसा में बदल चुके हैं. फिर भी राजधानी से लेकर राज्य के कोने-कोने से खबरों के अपडेट एक साथ यहीं मिलते हैं. भले ही अखबार के 24 पन्ने दो मिनट में पलटे जा सकते हैं, फिर भी अखबार एक आदत की तरह बची हुई है. यह बात तब और गंभीरता से…

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