चुनाव डायरी- इन लौचा घाटों की किस्मत कब बदलेगी

पुष्यमित्र किशनगंज शहर से टेढ़ागाछ प्रखंड की तरफ जाना था. दोस्तों ने मुझे दो रास्ते बताये. पहले रास्ते से 100 किमी की दूरी तय करनी थी, दूसरे रास्ते से 50-55 किमी. मगर साथ में उन्होंने यह भी कहा कि 50-55 किमी वाले रास्ते में एक चचरी पुल है और रास्ता कई जगह गड़बड़ है. यानी सड़कें खस्ताहाल हैं. उन्होंने कहा कि अगर आरामदेह सफर करना है तो 100 किमी वाले रास्ते से जाओ. अगर टेढ़ागाछ के दर्द को समझना है तो लौचा घाट के रास्ते से जाना. जाहिर सी बात…

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चुनाव डायरी-तो सीमांचल बन जाता बिहार का टी-हब

पुष्यमित्र कई साल पहले टी बोर्ड ने बिहार के सीमांचल के कुछ जिलों में सर्वेक्षण किया था और अपनी रिपोर्ट में कहा था कि किशनगंज जिले के पांच प्रखंड और अररिया-पूर्णिया जिले के कुछ इलाकों में चाय की खेती आराम से हो सकती है. हालांकि उससे पहले ही किशनगंज जिले के कुछ इलाके में चाय की खेती शुरू हो चुकी थी. उस वक्त ऐसा लगा था कि बहुत जल्द यह इलाका अपने चाय बगानों की वजह से असम और दार्जिलिंग की तरह मशहूर हो जायेगा और तकरीबन सालों भर रोजगार…

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