नीतीश जी विकास गिना रहे थे, बगल में चार बच्चों की लाशें पड़ी थी

आयुष कुमार छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की इस पंक्ति को शायद उनके सबसे करीबी बिहार के सीएम नीतीश कुमार ही नही समझ पाये. गुरुवार को सहरसा में विकास यात्रा पर पहुंचे नीतीश कुमार ने विद्युत तार की चपेट में आ कर काल के गाल में समा चुके चार बच्चों के परिजनों से ना मिलने की जहमत उठाई और ना ही दो शब्द कहने की हिम्मत जुटा पाये. शायद सहरसा की जनता…

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