रसगुल्ला और सिंघाड़ा- लेखक सच्चिदानंद सिंह की स्वाद यात्रा

नये साल की शुरुआत हम स्वाद यात्रा से कर रहे हैं. वैसे तो समोसा और रसगुल्ला दोनों में से किसी का संबंध बिहार से नहीं है. मगर बिहारियों को दोनों बहुत पसंद आता है. वह समोसा को सिंघाड़ा बनाकर खाता है और रसगुल्ला को दशमलव प्रणाली से, यानी एक बार में कम से कम दस. इस सिंघाड़ा और रसगुल्ला की स्वाद यात्रा कथाकार सच्चिदानंद सिंह ने लिखी है. वे अपने बचपन में भागलपुर के उस बहंगी वाले से इस यात्रा की शुरुआत करते हैं, जो घूम-घूमकर समोसा-रसगुल्ला बेचता था. फिर…

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