सामाजिक सहयोग पिछले 67 सालों से ज्ञान की रोशनी जला रहा है यह ग्रामीण पुस्तकालय

दो रोज पहले बिहार कवरेज ने सरकारी फंड के अभाव में राज्य की 497 पब्लिक लाइब्रेरीज के बंद हो जाने की खबर छापी थी. इस निराशाजनक खबर के बीच एक उम्मीद की रोशनी है इस ग्रामीण पुस्तकालय की कहानी जिसे पिछले 67 सालों से समाज अपने तरीके से संचालित कर रहा है. हमारे अनुरोध पर यह रिपोर्ट अनुराग मिश्र ने लिखी है. अनुराग मिश्र राष्ट्रीय राजमार्ग 57. लगातार चलती ट्रकों और बसों की धमक और शोर से हिलता एक मकान और उस मकान में अपने अपने किताबों में मशरूफ लोग,…

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बेटी पढ़ गयी तो दहेज बढ़ जायेगा, तो करा दो जल्दी शादी

तपस्या चौबे बिहार के चंपारण में बचपन गुजारने वाली तपस्या इन दिनों अमेरिका के न्यू जर्सी में रहती हैं और सोशल मीडिया पर बिहार के जीवन को संजीदगी से याद करती हैं. अविनाश द्वारा बाल विवाह पर लिखे गये आलेख के बाद इन्होंने यह पोस्ट लिख कर अपने इलाके में समाज और परिवार की मानसिक स्थिति को अच्छी तरह जाहिर किया है. बिहार में बाल विवाह और दहेज के ख़िलाफ़ आंदोलन चलाए जा रहें हैं. मुझे इसके बारे में ठीक से जानकारी नही कि आंदोलन किस स्तर पर चल रहा…

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