शैलेंद्र उर्फ बोस्की की कमीज और सिगरेट का डब्बा- गुलजार

आज गीतकार शंकर शैलेंद्र (पूरा नाम- शंकरदास केसरीलाल शैलेंद्र) की पुण्यतिथी है. हम बिहार वाले अक्सर भूल जाया करते हैं कि शैलेंद्र हमारे अपने थे. भले ही वे रावलपिंडी में पैदा हुए और मथुरा में पढ़े-लिखे. मगर उनकी जड़ें बिहार के आरा के अख्तियारपुर में थी. तभी उन्होंने जो इकलौती फिल्म बनायी वह बिहार के कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी तीसरी कसम थी. बहरहाल, आज उनकी पुण्यतिथि पर यह आलेख पढ़िये, जो उनके ठीक जूनियर गीतकार गुलजार ने लिखा है, जो उनके बाद गीत पसंद करने वालों के दिलों पर…

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