आनंद मोहन की शरण में राजद का सामाजिक न्याय, क्या यह दांव चलेगा?

कहते हैं राजनीति एक शतरंज की बिसात होती है और कई दफा लंबे समय से एक जगह रखा हुआ प्यादा जो अमूमन किसी काम का नजर नहीं आता, मौका पड़ने पर बाजी पलट सकता है. और आनंद मोहन तो कोई प्यादा नहीं है. वजीर नहीं तो उसकी हैसियत हाथी या घोड़े से कम नहीं. खबर है कि राजद के चाणक्य उनसे मिलने जेल पहुंच गये हैं. बिहार में विपक्षी राजनीति की धुरी तैयार की जा रही है. जिसमें केंद्र में लालू को रख कर एक तरफ मांझी और कुशवाहा को…

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