नालंदा के खंडहर ही नहीं दरभंगा की हेरिटेज बिल्डिंग्स भी हमारी धरोहर हैं

सुशांत भास्कर बिहार में जब पुरातात्विक एतिहासिक धरोहर की चर्चा करते हैं तो अक्सर गया, बोधगया,  नालंदा, पटना और वैशाली जैसे कुछ क्षेत्रों पर आकर ठहर जाते हैं, जबकि पुरावस्तुओं के संबंध में बने अधिनियम, 1972 के अनुसार कम से कम एक सौ वर्ष से विद्यमान सिक्के,  भवन, कलाकृतियों, ऐतिहासिक महत्व की कोई वस्तु, पदार्थ या चीज़ आदि शामिल हैं. भारत सरकार के द्वारा बनाये गये पुरावशेष तथा बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम, 1972 सम्पूर्ण भारत मे लागू है. 1976 में बिहार सरकार ने बिहार प्राचीन स्मारक अवशेष तथा कलानिधि अधिनियम ,1976…

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