कहानी दीपेश चांडक की, जिसने लालू को 55-60 करोड़, मिश्रा को 50 लाख दिये!

कल लालू के खिलाफ आये फैसले में सरकारी गवाह बने सप्लायर दीपेश चांडक की गवाही की महत्वपूर्ण भूमिका है. उसने ही अदालत को यह बताया था कि उसने श्याम बिहारी सिंहा के जरिये लालू को 55-60 करोड़ औऱ जगन्नाथ मिश्रा को 50 लाख दिये हैं. आज के प्रभात खबर में चांडक का पूरा बयान छपा है. घोटालों को प्रक्रिया को समझने के लिहाज से यह पूरा बयान काफी दिलचस्प है. आप भी पढ़ें. बिहार कवरेज सरकारी गवाह (एप्रूवर) बने दीपेश चांडक ने कोर्ट में दिये गये अपने बयान में लालू…

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कर्पूरी ठाकुर, जगन्नाथ मिश्रा और लालू यादव

आदित्य मोहन झा कर्पूरी ठाकुर, जगन्नाथ मिश्रा और लालू यादव। मौजूदा बिहार की जातिगत-राजनीति के वो बीज जिन्हें या तो कोई अच्छा कह सकता है या बुरा, इग्नोर नहीं कर सकता। आज का दिन तीनों पूर्व मुख्यमन्त्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। कर्पूरी ठाकुर जी का जन्मदिन है और लालू जी सँग जगन्नाथ जी को भी जेल हो गयी है। कर्पूरी और लालू दोनों उसी ब्राह्मण व्यवस्था के खिलाफ खुद को कहते थे जिसका प्रतिनिधी शायद वो जगन्नाथ मिश्रा को बताते थे। ये सच जरूर है की बिहार के जातिगत बेड़ियों…

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रघुनाथ झा तरह-तरह के लोगों को फोन किया करते थे, हम उनके हाव-भाव पढ़ा करते थे

एक जमाने में बिहार की राजनीति की धुरी रहे रघुनाथ झा का आज निधन हो गया है. कभी उनके करीबी रहे पत्रकार हरेश कुमार टुकड़ों में उनके बारे में कई दिलचस्प जानकारियां दे रहे हैं. आप भी पढ़ें. हरेश कुमार शिवहर विधानसभा क्षेत्र से लगातार 27 साल विधायक. गोपालगंज और बेतिया से 10 साल सांसद रहे रघुनाथ झा का दिल्ली के राममनोहर मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन. अंबा ओझा टोला के रहने वाले रघुनाथ झा ने मुखिया (ग्राम प्रधान)से राजनीतिक यात्रा शुरू की थी. ……………………………………………………………………………………………… रघुनाथ झा की शुरुआत ग्राम…

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ओपन जेल में रहने और गो-पालन करने में बुराई क्या है? यह तो सर्वश्रेष्ठ विकल्प है…

यह तसवीर होशंगाबाद ओपन जेल की है. देश की सभी ओपन जेल में कैदियों को इसी तरह के वन बीएचके क्वार्टर मिले हैं, जहां वे सपरिवार रहते हैं. बिहार कवरेज लालूजी को सजा सुनाने के बाद जज महोदय ने टिप्पणी कर दी थी कि मैं सिफारिश करूंगा कि आपलोगों को ओपन जेल भेजकर आपसे गोपालन कराने का काम लिया जाये. उन्होंने कमेंट करते हुए यह भी कहा कि आपलोगों गोपालन का अनुभव भी है. तब से जहां एक ओर मीडिया हजारीबाग ओपन जेल में लालूजी का कॉटेज तक देख आया,…

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जेल जाने पर जनता, राज मिलने पर बेटा! यह कैसा सोशल जस्टिस है लालूजी?

व्यालोक पाठक यह सचमुच ‘पोस्ट-ट्रुथ’ काल है. कमाल के समय में जी रहे हैं हम लोग. कल लालू प्रसाद की सज़ा का ऐलान होने के बाद से अब तक मीडिया और सोशल मीडिया को देख रहा हूं. हैरतज़दा हूं, यह देखकर कि केवल दो दशक में पूरा विमर्श ही किस तरह बदल कर रह गया है, हमारी सामाजिक मान्यताएं और संदर्भ बदल गए हैं? इसी के साथ मुझे एक और मंज़र याद आता है, एक और तस्वीर नुमायां होती है- आंखों के आगे. कई साल पहले सलमान खान को हिरण-शिकार…

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‘लालू बिहार की माटी का लाल है, किसी के अत्याचार से खामोश नहीं होगा’

यह सजा का ऐलान होने के बाद लालू द्वारा जेल से लिखे गए पत्र का सम्पूर्ण टेक्स्ट है. जिसे तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं को पढ़ कर सुनाया और बाद में ट्वीट किया. मेरे प्रिय बिहारवासियों, आप सबों के नाम ये पत्र लिख रहा हूँ और याद कर रहा हूँ अन्याय और ग़ैर बराबरी के खिलाफ अपने लम्बे सफ़र को, हासिल हुए मंजिलों को और ये भी सोच रहा हूँ कि अपने दलित पिछड़े और अत्यंत पिछड़े जनों के बाकी बचे अधिकारों की लड़ाई को. बचपन से ही चुनौतीपूर्ण और संघर्ष से…

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एक ‘हींग की थैली’ की वजह से मिली थी लालू को पहली सजा

बिहार कवरेज आज चारा घोटाला की एक दूसरे मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सजा का ऐलान होना है, मगर क्या आप जानते हैं कि लालू को पहली सजा हींग की वजह से मिली थी. वही हींग जो दाल और आलू-गोभी जैसी सब्जियों में खास तौर पर इस्तेमाल होता है. उसी हींग की वजह से किशोर लालू को उनके अपने गांव फुलवरिया से बेदखल करने का फैसला सुना दिया गया था. और यह फैसला कोई और नहीं उनकी मां मरछिया देवी ने सुनाया था. यह 1950 के दशक…

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चारा घोटाला- जिसने सामाजिक न्याय के योद्धा को एक सत्तालोलुप मसखरे में बदल दिया

(आज के प्रभात खबर में प्रकाशित आलेख में कुछ जोड़-घटाव के साथ) पुष्यमित्र अगले साल सत्तर की दहलीज को छूने वाले लालू प्रसाद यादव कभी-कभी एकांत में निश्चित रूप से सोचते होंगे कि काश यह चारा घोटाला नहीं होता तो उनकी राजनीतिक जीवन की दिशा और दशा ही कुछ और होती. बिहार ही नहीं देश के सबसे विवादास्पद और सबसे मशहूर राजनेता लालू के राजनीतिक जीवन पर चारा घोटाला आज किसी ग्रहण की तरह छाया नजर आता है. अपने 40 साल के राजनीतिक जीवन में लालू ने 21 साल तक…

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यह कैसा न्याय है? लालू तो ‘ललुआ’ हो जाते हैं, जगन्नाथ ‘बाबू’ ही रह जाते हैं

सवाल सिर्फ सीबीआई की जांच और अदालती प्रक्रियाओं का नहीं है, मीडिया और बौद्धिक समाज का भी है. जिसके लिए घोटाला का आरोप लगते ही लालू ‘ललुआ’ हो जाता है. जबकि देश में सैकड़ों नेता भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद सम्मानित तरीके से पुकारे जाते रहे हैं. राजनीतिक अध्येता जयंत जिज्ञासू मानते हैं कि इसके पीछे मीडिया और सवर्ण समाज का अपना पूर्वाग्रह है. चारा घोटाला तो एक बहाना था, जिसकी सूली पर लालू को लटका कर सामाजिक न्याय की प्रक्रिया को रोकने और लालू की वजह से उठे बिहार…

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क्या राजद और तेजस्वी के लिए संजीवनी साबित होगी ‘जगन्नाथ’ की रिहाई?

P.M. सजा सुनाये जाने के आधे घंटे के भीतर ही वरिष्ठ राजद नेता टेलीविजन पर चीखते नजर आये… एक ही मामले में लालू को जेल और मिश्रा जी को रिहाई, यही है मोदी का खेल… देख लो, यही है मोदी का खेल… इशारा साफ था. वे इस मौके को भाजपा की ब्राह्मणवादी सोच को उजागर करने में इस्तेमाल कर रहे थे. क्योंकि ब्राह्मणवाद के खिलाफ राज्य की पिछड़ी जमात को एकजुट करना ही अब तक राजद की सबसे कारगर पोलिटिकल आइडियोलॉजी है. इसलिए जहां राजद में लालू के जेल जाने…

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