तो क्या मोदी अविजेय हैं?

व्यालोक पाठक एक शब्द में इसका एक जवाब हो सकता है – नहीं. आखिर, हमारे पास दिल्ली और बिहार के नतीजे हैं दिखाने को. बिहार में तो चलिए डेढ़ साल बाद ही सही, पर अपने पुराने साथी नीतीश कुमार के साथ मिलकर भाजपा ने सरकार में साझीदारी तो कर ली है. दिल्ली का नासूर तो रह-रहकर प्रधानमंत्री के कलेजे में भी टीस देता ही होगा. यह बात भी दीगर है कि मई 2014 से अब तक जितने भी विधानसभा चुनाव हुए हैं, उनको टीवी चैनलों और आरामकुर्सी पर पसरे विशेषज्ञों…

Read More

डियर राहुल, कुछ नया नहीं हुआ, कांग्रेस कल भी उतनी ही आपकी थी, जितनी आज है

(इस पोस्ट के साथ लगी तसवीर कांग्रेस पार्टी की तरफ से ट्वीट की गयी है और पार्टी में उनकी यही असली हैसियत है. हमेशा से है. चुनाव तो बस एक बहाना है. इस तसवीर को ट्वीट करने के लिए हम कांग्रेस पार्टी के आभारी हैं.)   डियर राहुल गांधी आशा है, आप कुशल होंगे. और उन बधाइयों को बटोरने में जुटे होंगे, जो हर तरफ से आपके ऊपर बरस रहे हैं. हालांकि आपकी माता जी ने आपके आरोहन से ठीक पहले अपने संन्यास की घोषणा करके चर्चाओं का मुंह अपनी…

Read More

जनेऊधारी हिन्दू बनने में तीन साल लेट हो गये राहुल गांधी

अजीत भारती (बकर पुराण वाले अजीत भारती से आप सहमत हो सकते हैं, असहमत हो सकते हैं, मगर उन्हें इग्नोर नहीं कर सकते.) यूँ तो मुझे इससे घंटा फ़र्क़ नहीं पड़ता कि कौन क्या है, लेकिन ख़बरों के नज़रिए से देखते हुए लिख रहा हूँ. राहुल गाँधी का नाम सोमनाथ मंदिर की रजिस्टर में ‘नॉन-हिंदू’ वाली लिस्ट में है, उनके हस्ताक्षर के साथ. ऐसा कहा जा रहा है. अब इस पर ‘द क्विंट’ का पूछना है कि मंदिर में ऐसी लिस्ट ही क्यों है! सही बात है तमाम धार्मिक स्थलों…

Read More