आनंद मोहन की शरण में राजद का सामाजिक न्याय, क्या यह दांव चलेगा?

कहते हैं राजनीति एक शतरंज की बिसात होती है और कई दफा लंबे समय से एक जगह रखा हुआ प्यादा जो अमूमन किसी काम का नजर नहीं आता, मौका पड़ने पर बाजी पलट सकता है. और आनंद मोहन तो कोई प्यादा नहीं है. वजीर नहीं तो उसकी हैसियत हाथी या घोड़े से कम नहीं. खबर है कि राजद के चाणक्य उनसे मिलने जेल पहुंच गये हैं. बिहार में विपक्षी राजनीति की धुरी तैयार की जा रही है. जिसमें केंद्र में लालू को रख कर एक तरफ मांझी और कुशवाहा को…

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‘बस पर बैठे लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है’

राजद के चक्का-जाम में फंसे गांव के गरीब-गुरबों की आपबीती और उनकी तकलीफों का वर्णन कर रहे हैं कवि-कथाकार मिथिलेश कुमार राय. मिथिलेश कुमार राय भीमपुर तक बस आराम से चलती रही. बस वाले ने बढ़िया सा गाना चला रखा था. सारे यात्री उसी में डूबे हुए थे. ऐसा नहीं लगता था कि किसी को पता था कि आगे जाकर यात्रा में परेशानी होगी. ऐसा होता तो लोग इसकी चर्चा कर रहे होते और उनके चेहरे पर परेशानी का भाव होता. लेकिन जब बस भीमपुर में जाकर खड़ी हो गयी…

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इस बंदी का मैसेज क्या है लालूजी?

P.M. आज बिहार बंद है. बड़े दिनों बाद इस तरह बिहार बंद है. सवेरे दफ्तर आ रहा था तो देखा कि पूरा बेली रोड खाली है, सुनसान. लोगों ने खुद-बखुद खुद को घरों में बंद कर लिया है. कुछ सहकर्मी जो दूसरे इलाकों से आये, वे कह रहे थे कि बड़ा घूम फिर कर आये. जगह-जगह बंद कराया जा रहा है. सवेरे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव की तसवीरें अपनी पार्टी के हुड़दंगियों से साथ एक्जीबिशन रोड के पास दिखी. अभी-अभी दफ्तर के एक फोर्थ ग्रेड स्टॉफ ने पूछा कि…

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