वह ‘नरेंद्र’ जिसने ‘नीतीश’ को मैथिली बोलना सिखाया #sundaystory

राजनीति की दुनिया में नरेंद्र और नीतीश का नाता बड़ा दिलचस्प रहा है, कभी बिहार के सीएम नीतीश कुमार गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के फैन हुआ करते थे. वह बिहार को भी गुजरात जैसा नंबर वन स्टेट बनाना चाहते थे. मगर पीएम पद की रेस में दोनों के बीच ऐसी दरार पड़ेगी कि भोज की थाली छीनने तक की नौबत आ गयी. एक ने हाथ थामा तो दूसरे का मन हाथ झटकने का होने लगा. अब फिर से दोनों मित्रवत हैं. एक दूसरे की तारीफ करते हैं और एक…

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14 साल बाद भी न स्कूली किताबों में मैथिली, न सरकारी विज्ञापनों में

आज से ठीक 14 साल पहले मैथिली भाषा को संविधान की अष्टम सूची में शामिल किये जाने का विधेयक पारित हुआ था और इसकी संवैधानिक मान्यता पर मुहर लग गयी थी. मगर इन चौदह सालों में इस मान्यता का मैथिली को कोई लाभ नहीं मिला. मैथिली न स्कूली किताबों में पहुंची, न सरकारी विज्ञापनों में. मैथिली भाषा के साथ बिहार सरकार के इसी उपेक्षापूर्ण व्यवहार को लेकर पत्रकार रोशन कुमार मैथिल ने यह तीखा आलेख लिखा है… रोशन कुमार मैथिल राम का वनवास तो 14 साल में खत्म हो गया…

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मैथिली का मचान दिल्ली में ही क्यों बनता है, पटना में क्यों नहीं?

खबर आ रही है कि दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला में मैथिली पुस्तकों, लेखकों और कलाचारों के जुटान के लिए ‘मैथिली मचान’ के नाम से एक स्टॉल बुक कराया गया है. इस खबर ने सहज ही पटना के मैथिली भाषियों के मन में इस कचोट को पैदा कर दिया कि यह मचान पटना पुस्तक मेला में क्यों नहीं बना. पटना जो बिहार की राजधानी है, वहां लगातार मैथिली का सम्मान घटता जा रहा है, जबकि देश की राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों लगातार मैथिली मजबूत हुई है. इस सवाल को…

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