तीन-तीन नाकाम मुहब्बतों की तड़प ने बना दिया महेंदर मिसिर को बटोही

नदियों के प्रेम में देश भर में भटकने वाले निलय उपाध्याय अब भोजपुरी गीतों के उस्ताद महेंदर मिसिर की कहानी लिखने की तैयारी कर रहे हैं. इससे पहले वे दशरथ मांझी के जीवन पर पहाड़ उपन्यास लिख चुके हैं. कल उन्होंने महेंदर मिसिर की जयंती पर यह लंबा पोस्ट लिखा था, जिसमें उनके जीवन की नाकाम मुहब्बतों की कहानी थी. उनकी इजाजत से यह पोस्ट जो उनके अगले उपन्यास बटोहिया की आधारभूमि होगी, यहां पेश है…. निलय उपाध्याय भोजपुरी के इस महान नायक महेन्दर मिसिर को अपने गीतों के कारण…

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