महीने में चार से बारह दिन तक कभी भूखी-कभी आधे पेट सो जाती हैं बिहार की किशोरियां

इक्कीसवीं सदी में जहां दुनिया भर की औरतें बराबरी के अधिकार के लिए अलग-अलग तरह की लड़ाइयां लड़ और जीत रही हैं, वहां बिहार की किशोरियों के जीवन का यह स्याह सच आपको हैरत और शर्मिंदगी में डाल सकता है. एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा राज्य की किशोरियों के लिये आयोजित कार्यशालाओं के दौरान यह सच निकल कर सामने आया है कि बिहार की ज्यादातर किशोरियां अक्सर दिन में एक वक्त या कभी-कभी दोनों वक्त भूखी रह जाती हैं. मुजफ्फरपुर में यह आंकड़ा महीने में चार दिन का है तो जमुई…

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