कहानी राजा, महाराजा, महाराजाधिराज के उपाधियों की, भाया राज दरभंगा

सुशांत भास्कर कहा जाता है कि मुगलों के शासनकाल में  तिरहुत का राज्य संस्थापक महेश ठाकुर को मिला जिन्होंने मुगल बादशाह को समय समय पर नजराना देना शुरू किया … कालान्तर में नरपति ठाकुर के पुत्र विष्णु ठाकुर को मुगल शासक ने लगातार लड़ाई करने के कारण सिंह की उपाधि दी थी. 1860 में महाराजा महेश्वर सिंह के मरने के बाद लक्ष्मीश्वर सिंह के नाबालिग होने के कारण दरभंगा कोर्ट ऑफ वार्ड्स के अधीन चला गया था और यहाँ ब्रिटिश शासन की ओर से मुजफ्फरपुर के डिप्टी कलक्टर मिस्टर सीपी…

Read More