कमला नदी के पश्चिमी किनारे जो मधु का वन था, वही आज मधुबनी है

अगर सच पूछा जाये तो मधुबनी ही बिहार की सांस्कृतिक राजधानी होने की हकदार है. यहां की चित्रकला, यहां की धरोहरें और यहां की ज्ञान की परंपरा अद्भुत है. मधु जैसी मिठास के साथ यह जिला पग-पग में आश्चर्य को समेटे हुए है. आइये इस मधुबनी की कहानी जानते हैं गजानन मिश्र जी से. बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के एडीशन सेक्रेटरी पद से हाल ही में रिटायर हुए गजानन मिश्र मूलतः नदियां और संस्कृति के प्रेमी और गंभीर अध्येता हैं. सरकार उनके कौशल का लाभ नहीं ले पायी,…

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नीतीश जी आखिर किस मुंह से दरभंगा-मधुबनी आ जाते हैं?

आदित्य मोहन झा मुझे सच में ये समझ में नहीं आता कि नीतीश जी किस मुंह से मधुबनी-दरभंगा आ भी जाते हैं, विकास का कौन सा ढोल ये लोगों को सुनाना चाहते हैं. क्षेत्र में कृषि लगभग बन्द हो चुकी है, पलायन चरम पर है, शिक्षा का स्तर निम्नतम है और मेडिकल सुविधाओं के हालात मरीज को और बीमार ही बना देता है. एक भी बन्द पड़ा चीनी मिल ये शुरू नहीं करवा पाए अब तक, न अशोक पेपर मिल, न जुट मिल, न सूत मिल. रोजगार का एक साधन…

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