विशेष दर्जा तो बिहार को चाहिए

इन दिनों विशेष राज्य के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश की सरकार केंद्र से नाराज है, वहां के सांसद एकजुट होकर लोक सभा में आंदोलन कर रहे हैं, मगर बिहार की सरकार ने भाजपा से समर्थन लेने के बाद विशेष राज्य की दावेदारी छोड़ दी है और बिहार के सांसद भी इस मसले पर कोई सवाल नहीं कर रहे. इन्हीं मसलों पर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मोहन गुरुस्वामी ने अपने फेसबुक वाल पर यह पोस्ट डाली है और आंकड़ों और ऐतिहासिक परिस्थितियों के जरिये बिहार के विशेष दर्जे की वकालत की है. यह…

Read More

गांधी कहते थे, बिहारियों से बढ़कर बिहारी हैं कृपलानी

आज आचार्य कृपलानी की पुण्यतिथि है. चंपारण सत्याग्रह की कहानियों से गुजरते वक्त मुझे इनके बारे में जानने का मौका मिला था. गांधी जब पहली बार मुजफ्फरपुर जा रहे थे तो कैसे कृपलानी उनके स्वागत के लिए नारियल के पेड़ पर चढ़ गये थे? क्यों महज एक रात कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर में गांधी को ठहराने की वजह से उनकी नौकरी चली गयी थी?  क्यों गांधी उन्हें बिहारियों से बढ़कर बिहारी कहते थे? और वह मार्मिक पत्र भी जो गांधी ने उनकी नौकरी जाने के बाद उन्हें लिखा था… पुष्यमित्र…

Read More

अजब हैं बिहार के किसान, न आंदोलन करते हैं, न आत्महत्या, बस ट्रेन पकड़ के पंजाब निकल लेते हैं

पुष्यमित्र मुम्बई के किसान आंदोलन से याद आ गया, हमारे बिहार में भी किसान हैं. और हमारे वाले जो किसान हैं, वे अद्भुत हैं. वे कमाने के लिए भले ही पंजाब, दिल्ली, बंबई, मद्रास या श्रीनगर चले जायें, मौका मिले तो मिडिल ईस्ट भी घुस जायें, लेकिन आंदोलन के लिए पटना भी नहीं पहुंचते. पटना तभी आते हैं, जब लालू जी फिरी में रैली के लिए बुलाते हैं. अपने मसलों के लिए नहीं. अभी घर गया था तो पता चला कि पूरे इलाके में जहां-तहां मकई के भुट्टे से दाना…

Read More

24 संग्रहालय, सात क्यूरेटर, बंद रहते हैं बिना स्टाफ वाले छह म्यूजियम, सुरक्षा भगवान भरोसे

एक तरफ जगमग करता नया नवेला, नीतीश जी का दुलारा बिहार म्यूजियम तो दूसरी तरफ बिना कर्मचारियों के धूल-धक्कड़ खाते और विरासत की आभा लुटाते राज्य के दूसरे 25 म्यूजियम. यह कहानी उस राजा के राज्य की है, जो खुद को समावेशी विकास का पैरोकार बताता है. मगर हकीकत यह है कि राज्य के दूसरे म्यूजियम स्टाफ की भारी कमी झेल रहे हैं. छह म्यूजियम तो खुलते भी नहीं हैं, क्योंकि वहां कोई स्टाफ नहीं. सात क्यूरेटरों के जिम्मे है 24 म्यूजियम का प्रभार और इनकी देखरेख के लिए कुल…

Read More

बेमौसम बरसात नहीं है राजद की पोलिटिकल घेराबंदी

p.m. बिहार में इन दिनों अचानक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. कुशवाहा शिक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाते हैं और उसमें राजद शामिल होता है. राजद के थिंक टैंक शिवानंद तिवारी आनंद मोहन से मिलने जेल में चले जाते हैं. राजद की तरफ से कहा जाता है कि पप्पू यादव तो अपना आदमी है. जीतनराम मांझी अफसोस जताते हैं कि विधानसभा भंग नहीं करना उनकी सबसे बड़ी भूल थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी प्रेस को बताते हैं कि कोई भ्रम में न रहे एनडीए ही जीतेगा. और कभी अपने…

Read More

केंद्र सरकार ने दबा लिया बिहार के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के 12541.83 करोड़ रुपये

उज्ज्वल कुमार केंद्र सरकार का बिहार से हकमारी का नया खुलासा सामने आया है. वर्ष 2014 से नरेन्द्र मोदी सरकार सत्ता में आते ही ‘सर्व शिक्षा अभियान’ का बिहार के हिस्से में लगातर कटौती की है वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 तक केंद्र सरकार ने अपने फंड अंश दान से 12541.83 करोड़ रुपये की कटौती की है. बिहार सरकार ने वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के लिए 42568.41 करोड़ का बजट अप्रूव किया, जिसमे केंद्र सरकर को 25043.51 करोड़ रुपया देना था. लेकिन केंद्र सरकार ने मात्र…

Read More

जगदेव बाबू-जिन्होंने बचपन में ही अपने गांव को दिलाई थी पंचकठिया से मुक्ति

अनूप पटेल यह हम सब जानते हैं कि गांधी ने चंपारण में जाकर किसानों को तिनकठिया प्रथा से मुक्ति दिलायी थी. मगर ऐसी तिनकठिया और पंचकठिया बिहार के कई इलाके में थी. ऐसी ही एक प्रथा अरवल जिले के कुर्था प्रखंड के कुरहारी ग्राम में थी. वह जगदेव प्रसाद का गांव था. उस इलाके में किसानों की जमीन की फसल का पांच कट्ठा जमींदारों के हाथियों को चारा देने की एक प्रथा सी बन गयी थी. गरीब तथा शोषित वर्ग का किसान जमीदार की इस जबरदस्ती का विरोध नहीं कर…

Read More

50 पैसे लीटर वाला इथेनॉल बदल तो सकता है बिहार की तसवीर, मगर… ?

बिहार कवरेज मीडिया में आयी नीतीश और गडकरी की एक ऑटो पर बैठी तसवीर एक सुखद खबर लेकर आयी है. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी वाहनों के चलने के लिए इंधन के तौर पर इथेनॉल को प्रमोट करना चाह रहे हैं और यह दाव वे बिहार के साथ खेलना चाहते हैं. कल जब बजट से एक रोज पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में थे तो गडकरी ने उन्हें इथेनॉल से चलने वाला ऑटो और बाइक दिखाया. नीतीश की भी इसमें रुचि थी, क्योंकि बिहार में इथेनॉल उत्पादन की…

Read More

दशकों बाद हो रहे छात्रसंघ चुनाव से क्या बदलेगी बिहार के कॉलेज कैंपसों की सूरत?

आदित्य मोहन झा मौजूदा बिहार के राजनीति के सभी बड़े नेता छात्र राजनीति के उपज हैं. चाहे वो लालू प्रसाद यादव हों या नीतीश कुमार, सुशील मोदी हों या रामविलास पासवान. ये सभी कद्दावर नेता अपने छात्र जीवन मे जेपी आंदोलन से राजनीति में प्रवेश किए और फिर दशकों तक बिहार की राजनीति इन्हीं के आस-पास घूमती रही. शायद इसलिए इन्होंने सुनियोजित ढंग से छात्रसंघ चुनावों को विश्वविद्यालयों में बंद ही करवा दिया ताकि भविष्य में इन्हें ललकारने और इनसे टकराने के लिए कोई नई पौध ही न जड़ जमाए.…

Read More

जानिये उन 36 बिहारियों को जिनके विचार गूंजते हैं हमारे संविधान में

आज गणतंत्र दिवस है. आज के ही दिन हमें हमारा संविधान मिला है. वह संविधान जो पिछले 68 सालों से हमारे देश में समानता और न्याय की भावनाओं को जिंदा रखे हुए है. जो हमारे देश में अब तक हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करता रहा है. हम जब इस संविधान के निर्माण की बात करते हैं तो डॉ. आंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे गिने-चुने नाम ही जुबां पर आते हैं. मगर इस संविधान को तैयार करने में 299 लोगों की एक बड़ी टीम थी, जिसे अलग-अलग राज्यों से…

Read More