पनिया के जहाज से पलटनिया बनि अइहौ पिया…

खबर आई है कि बिहार की सात बड़ी नदियों को केंद्र सरकार ने अपनी राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजना में शामिल कर लिया है. इस परियोजना में जहां देश भर की 111 नदियां हैं, बिहार की गंगा, कोसी, गंडक, घाघरा, सोन, पुनपुन और कर्मनाशा नदी भी है. एक बार यह परियोजना पूरी हो जाये तो फिर इन नदियों में भी पानी के जहाज चलेंगे. गंगा में तो चल भी रहे हैं. बंगाल के हल्दिया से यूपी के इलाहाबाद तक 1620 किमी लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग एक है, जिसका बड़ा हिस्सा बिहार में पड़ता…

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न मेढकों की शादी से बारिश होगी, न विभाग का नाम बदलने से

  इन दिनों जब मध्य प्रदेश में मंत्री महोदय मेढ़कों की शादी करवा रहे हैं, ताकि बारिश जल्द हो, बिहार की राजधानी पटना में पूर्वी राज्यों के प्रतिनिधि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम पर पड़ने वाले इसके कुप्रभाव की चर्चा करने और इसका समाधान तलाशने के लिए जुटे हैं. यह सरकारों के एप्रोच का फर्क है. एक सरकार का नुमाइंदा अपने आवाम को पुरातनपंथी सोच की तरफ ले जाने की कोशिश में है, तो दूसरी सरकार का मुख्यमंत्री कह रहा है, बिहार में लगातार बारिश कम हो रही है. हम पर्यावरण…

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विशेष दर्जा तो बिहार को चाहिए

इन दिनों विशेष राज्य के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश की सरकार केंद्र से नाराज है, वहां के सांसद एकजुट होकर लोक सभा में आंदोलन कर रहे हैं, मगर बिहार की सरकार ने भाजपा से समर्थन लेने के बाद विशेष राज्य की दावेदारी छोड़ दी है और बिहार के सांसद भी इस मसले पर कोई सवाल नहीं कर रहे. इन्हीं मसलों पर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मोहन गुरुस्वामी ने अपने फेसबुक वाल पर यह पोस्ट डाली है और आंकड़ों और ऐतिहासिक परिस्थितियों के जरिये बिहार के विशेष दर्जे की वकालत की है. यह…

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गांधी कहते थे, बिहारियों से बढ़कर बिहारी हैं कृपलानी

आज आचार्य कृपलानी की पुण्यतिथि है. चंपारण सत्याग्रह की कहानियों से गुजरते वक्त मुझे इनके बारे में जानने का मौका मिला था. गांधी जब पहली बार मुजफ्फरपुर जा रहे थे तो कैसे कृपलानी उनके स्वागत के लिए नारियल के पेड़ पर चढ़ गये थे? क्यों महज एक रात कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर में गांधी को ठहराने की वजह से उनकी नौकरी चली गयी थी?  क्यों गांधी उन्हें बिहारियों से बढ़कर बिहारी कहते थे? और वह मार्मिक पत्र भी जो गांधी ने उनकी नौकरी जाने के बाद उन्हें लिखा था… पुष्यमित्र…

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अजब हैं बिहार के किसान, न आंदोलन करते हैं, न आत्महत्या, बस ट्रेन पकड़ के पंजाब निकल लेते हैं

पुष्यमित्र मुम्बई के किसान आंदोलन से याद आ गया, हमारे बिहार में भी किसान हैं. और हमारे वाले जो किसान हैं, वे अद्भुत हैं. वे कमाने के लिए भले ही पंजाब, दिल्ली, बंबई, मद्रास या श्रीनगर चले जायें, मौका मिले तो मिडिल ईस्ट भी घुस जायें, लेकिन आंदोलन के लिए पटना भी नहीं पहुंचते. पटना तभी आते हैं, जब लालू जी फिरी में रैली के लिए बुलाते हैं. अपने मसलों के लिए नहीं. अभी घर गया था तो पता चला कि पूरे इलाके में जहां-तहां मकई के भुट्टे से दाना…

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24 संग्रहालय, सात क्यूरेटर, बंद रहते हैं बिना स्टाफ वाले छह म्यूजियम, सुरक्षा भगवान भरोसे

एक तरफ जगमग करता नया नवेला, नीतीश जी का दुलारा बिहार म्यूजियम तो दूसरी तरफ बिना कर्मचारियों के धूल-धक्कड़ खाते और विरासत की आभा लुटाते राज्य के दूसरे 25 म्यूजियम. यह कहानी उस राजा के राज्य की है, जो खुद को समावेशी विकास का पैरोकार बताता है. मगर हकीकत यह है कि राज्य के दूसरे म्यूजियम स्टाफ की भारी कमी झेल रहे हैं. छह म्यूजियम तो खुलते भी नहीं हैं, क्योंकि वहां कोई स्टाफ नहीं. सात क्यूरेटरों के जिम्मे है 24 म्यूजियम का प्रभार और इनकी देखरेख के लिए कुल…

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बेमौसम बरसात नहीं है राजद की पोलिटिकल घेराबंदी

p.m. बिहार में इन दिनों अचानक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. कुशवाहा शिक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाते हैं और उसमें राजद शामिल होता है. राजद के थिंक टैंक शिवानंद तिवारी आनंद मोहन से मिलने जेल में चले जाते हैं. राजद की तरफ से कहा जाता है कि पप्पू यादव तो अपना आदमी है. जीतनराम मांझी अफसोस जताते हैं कि विधानसभा भंग नहीं करना उनकी सबसे बड़ी भूल थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी प्रेस को बताते हैं कि कोई भ्रम में न रहे एनडीए ही जीतेगा. और कभी अपने…

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केंद्र सरकार ने दबा लिया बिहार के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के 12541.83 करोड़ रुपये

उज्ज्वल कुमार केंद्र सरकार का बिहार से हकमारी का नया खुलासा सामने आया है. वर्ष 2014 से नरेन्द्र मोदी सरकार सत्ता में आते ही ‘सर्व शिक्षा अभियान’ का बिहार के हिस्से में लगातर कटौती की है वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 तक केंद्र सरकार ने अपने फंड अंश दान से 12541.83 करोड़ रुपये की कटौती की है. बिहार सरकार ने वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के लिए 42568.41 करोड़ का बजट अप्रूव किया, जिसमे केंद्र सरकर को 25043.51 करोड़ रुपया देना था. लेकिन केंद्र सरकार ने मात्र…

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जगदेव बाबू-जिन्होंने बचपन में ही अपने गांव को दिलाई थी पंचकठिया से मुक्ति

अनूप पटेल यह हम सब जानते हैं कि गांधी ने चंपारण में जाकर किसानों को तिनकठिया प्रथा से मुक्ति दिलायी थी. मगर ऐसी तिनकठिया और पंचकठिया बिहार के कई इलाके में थी. ऐसी ही एक प्रथा अरवल जिले के कुर्था प्रखंड के कुरहारी ग्राम में थी. वह जगदेव प्रसाद का गांव था. उस इलाके में किसानों की जमीन की फसल का पांच कट्ठा जमींदारों के हाथियों को चारा देने की एक प्रथा सी बन गयी थी. गरीब तथा शोषित वर्ग का किसान जमीदार की इस जबरदस्ती का विरोध नहीं कर…

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50 पैसे लीटर वाला इथेनॉल बदल तो सकता है बिहार की तसवीर, मगर… ?

बिहार कवरेज मीडिया में आयी नीतीश और गडकरी की एक ऑटो पर बैठी तसवीर एक सुखद खबर लेकर आयी है. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी वाहनों के चलने के लिए इंधन के तौर पर इथेनॉल को प्रमोट करना चाह रहे हैं और यह दाव वे बिहार के साथ खेलना चाहते हैं. कल जब बजट से एक रोज पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में थे तो गडकरी ने उन्हें इथेनॉल से चलने वाला ऑटो और बाइक दिखाया. नीतीश की भी इसमें रुचि थी, क्योंकि बिहार में इथेनॉल उत्पादन की…

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