ममता दीदी के बंगाल में लॉटरी एडिक्शन क्यों नहीं बनता चुनावी मुद्दा

पुष्यमित्र ममता दीदी के बंगाल में जिस चीज ने सबसे पहले मेरा ध्यान खींचा, वह थी लॉटरी. जिस किसी बाजार से होकर मैं गुजर रहा था, हर दस कदम पर एक लॉटरी का स्टॉल नजर आ जाता. और किसी भी स्टॉल पर चाहे वह बेंच पर ही टिकट रख कर क्यों न बेच रहा हो, चार लोग खड़े जरूर दिख रहे थे. अब चुकि मैं जिस इलाके से हूं, वहां के लिए यह दृश्य अकल्पनीय है. बिहार में हमने न जाने कब से खुलेआम लॉटरी बिकते नहीं देखा है. ऐसे…

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रीत बनकर ‘रीत’ रहा है, नये अन्न के स्वागत का यह उत्सव

पुष्यमित्र आज लबान हैं. हमारे तरह इसे लबान ही कहते हैं मगर इसका असली नाम नवान्न है. बंगाल में इसे नबान्न कहते हैं. यह नये धान के स्वागत का त्योहार है. किसानों के लिहाज से यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा त्योहार है. क्योंकि इस इलाके में लगभग सभी किसान खरीफ में धान की खेती करते हैं. जब धान की पहली बाली कट कर घर आती है तो इससे निकले दाने का चूड़ा(चिवड़ा या पोहा) बना पहले पुरखों को समर्पित किया जाता है, फिर दही के साथ इसे सभी लोग…

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