पीरियड एक फ़िल्म भर का मुद्दा नहीं है

अपनी बात- अरुणाचलम मुरुगनाथम जिसके जीवन पर यह फिल्म पैडमैन बन रही है ने लो-कॉस्ट सेनेटरी नैपकीन इसलिए तैयार किया था कि देश की गरीब महिलाओं को भी सस्ता नैपकीन मिल सके. वे इसे बड़ी नैपकीन कंपनियों के लाभ का धंधा बने नहीं रहने देना चाहते थे. इसलिए उन्होने कम कीमत में छोटी-छोटी मशीनें बनायी, बाद में उन्हें देश भर की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उपलब्ध कराया. उनकी मुहिम ब्रांडेड सेनेटरी नैपकीन कंपनियों के खिलाफ थी. मगर अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन मुरुगनाथम की संवेदनशील कहानी को भुनाने…

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