बिहार में ‘बेहतर शिक्षा’ का मतलब नीतीश जी की योजनाओं का ‘प्रचार’ है!

प्रथम जैसी दूसरी एजेंसियों की तर्ज पर अब बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने शिक्षा के मसले पर जिलों की रैंकिंग कराने की शुरुआत की है. कल उस रैंकिंग की रिपोर्ट भी जारी हुई है. दिलचस्प है कि शिक्षा की इस रैंकिंग में पढ़ाई-लिखाई का मसला सिर्फ 20 फीसदी है, शेष 80 फीसदी नंबर नशा मुक्ति, बाल विवाह आदि के प्रचार, मिड-डे मील, आधार कार्ड, अकाउंट खुलवाने जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए है. मतलब साफ है, बिहार में सरकारी स्कूल का मतलब है बिहार सरकार की योजनाओं को लागू करवाना.…

Read More