चौबीस साल साल से बिहार की नदियों पर कोई अध्ययन नहीं हुआ है नीतीश जी

नीतीश कुमार जी की मासूमियत का कोई जवाब नहीं. कल वे एनआईटी में छात्रों से बोल आये कि आपको बिहार की नदियों पर अध्ययन करना चाहिए. मगर उनकी सरकार का जल संसाधन विभाग नदियों पर क्यों अध्ययन नहीं करता, इस बारे में वे कुछ नहीं बोले. हकीकत यह है कि 1994 के बाद बिहार की नदियों पर कोई अध्ययन नहीं हुआ है. जबकि कायदे से हर दस साल में जलसंसाधन विभाग को इरिगेशन कमीशन का गठन कर इन नदियों का अध्ययन कराना चाहिए था. नीतीश कुमार ने कल ठीक कहा…

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50 पैसे लीटर वाला इथेनॉल बदल तो सकता है बिहार की तसवीर, मगर… ?

बिहार कवरेज मीडिया में आयी नीतीश और गडकरी की एक ऑटो पर बैठी तसवीर एक सुखद खबर लेकर आयी है. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी वाहनों के चलने के लिए इंधन के तौर पर इथेनॉल को प्रमोट करना चाह रहे हैं और यह दाव वे बिहार के साथ खेलना चाहते हैं. कल जब बजट से एक रोज पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में थे तो गडकरी ने उन्हें इथेनॉल से चलने वाला ऑटो और बाइक दिखाया. नीतीश की भी इसमें रुचि थी, क्योंकि बिहार में इथेनॉल उत्पादन की…

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कड़ाके की ठंड में छोटे बच्चों को सड़कों पर खड़ा करने की सरकारी जिद

P.M. यह तसवीर पिछले साल की मानव श्रृंखला की है. जब अररिया में स्कूली बच्चों को उफनती नदी के नीचे चचरी के पुल पर खड़ा कर दिया गया था, ताकि बिहार के मुख्यमंत्री की जिद पूरी हो सके. इस साल भी एक सनकी राजा की जिद पूरी करने के लिए प्रशासन जमीन-आसमान एक कर रहा है. एक समय बाद हर समझदार आदमी सनकी हो जाता है और सनक में उस व्यक्ति को यह भी समझ नहीं आता कि वह जो कर रहा है वह मजह उसकी जिद है. पिछले एक…

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एक ट्रैक्टर बालू की कीमत आप क्या जानो नीतीश बाबू

बिहार राज्य बालू की अवैध निकासी और इसके अवैध कारोबार पर रोक लगाने में जुटी है. इस कोशिश में कारोबार पर कितनी चोट हुई यह तो पता नहीं, मगर आम आदमी जो घर बनाने का सपना पूरा करना चाह रहा है, वह बालूबंदी का कहर झेल रहा है. ऐसे ही एक व्यक्ति रंजीत कुमार राहुल ने फेसबुक पर अपनी व्यथा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम चिट्ठी के रूप में पेश किया है. इनकी चिट्ठी पढ़िये, और समझिये कि जमीनी हालात कैसे हैं. मै रंजीत कुमार राहुल नासरीगंज दीघा पटना…

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नीतीश जी आखिर किस मुंह से दरभंगा-मधुबनी आ जाते हैं?

आदित्य मोहन झा मुझे सच में ये समझ में नहीं आता कि नीतीश जी किस मुंह से मधुबनी-दरभंगा आ भी जाते हैं, विकास का कौन सा ढोल ये लोगों को सुनाना चाहते हैं. क्षेत्र में कृषि लगभग बन्द हो चुकी है, पलायन चरम पर है, शिक्षा का स्तर निम्नतम है और मेडिकल सुविधाओं के हालात मरीज को और बीमार ही बना देता है. एक भी बन्द पड़ा चीनी मिल ये शुरू नहीं करवा पाए अब तक, न अशोक पेपर मिल, न जुट मिल, न सूत मिल. रोजगार का एक साधन…

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चंपारण की लड़कियों ने लिखी चिट्ठी ‘बाल विवाह से बचा लीजिये मुख्यमंत्री जी’

पुष्यमित्र पश्चिमी चंपारण के सुखावारी गांव की पांच लड़कियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिख कर उन्हें बाल विवाह का शिकार होने से बचाने की गुहार लगायी है. पत्र में इन लड़कियों ने लिखा है कि गांव में हाइ स्कूल नहीं होने की वजह से आठवीं के बाद उनकी पढ़ाई बंद हो गयी है और घरवाले शादी के लिए जोर डाल रहे हैं. इन लड़कियों ने गुहार लगायी है कि गांव में एक हाइ स्कूल खुलवा दें ताकि उनकी पढ़ाई जारी रह सके और वे बाल विवाह का शिकार…

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