निराला को पीर मोहम्मद मूनिस पुरस्कार

हम सबके प्रिय निराला जी को कल एक संस्था ने पीर मोहम्मद मूनिस पुरस्कार से सम्मानित किया है. निराला जी की पत्रकारिता से आप सभी लोग परिचित हैं. प्रभात खबर में घुमंतू पत्रकारिता और तहलका के लिए बिहार और झारखंड की पत्रकारिता करते हुए ये बिहार-झारखंड की सांस्कृतिक विरासत के इनसाइक्लोपीडिया बन गये हैं. जाहिर सी बात है कि वे हर तरह के पुरस्कार के स्वाभाविक हकदार हैं. इस पुरस्कार समारोह के दौरान जो आयोजन हुआ उसकी प्रेस रिलीज संस्था के संचालक ने भेजी है. उसे हम यहां ज्यों का…

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भूतों के नाम पर लड़ रहे हैं ‘बिहार सरकार’ के पोते और गांव के लोग मजा ले रहे हैं

निराला जी बिहार-झारखंड की पत्रकारिता का ऐसा नाम हैं, जिन्हें परिचय की जरूरत नहीं है. खास कर बिहार के सामाजिक-सांस्कृतिक मसलों पर उनकी गहरी पकड़ है. प्रभात खबर और तहलका जैसे मीडिया संस्थानों में छपने वाली उनकी रिपोर्ट से हम सब वाकिफ हैं. अब वे बिहार कवरेज के लिए नियमित रूप से बिदेसिया की डायरी लिखना शुरू कर रहे हैं. इस डायरी में वे उन किस्से कहानियों का जिक्र करेंगे, जो अलग-अलग इलाकों में घूमते हुए उनके संपर्क में आते हैं. उनकी मोहक भाषा का आनंद अलग से मिलेगा. आइये…

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