चाहकर भी सरला को एमपी नहीं बनवा सके थे बिरला

इन दिनों राज्यसभा चुनाव में धनकुबेरों के जलवे पर चरचा हो रही है. खासकर आम आदमी पार्टी जैसी पार्टी ने जबसे गुप्ता जैसे बिजनेसमैन को राज्यसभा भेजा है, यह सवाल उठने लगा है कि क्या राज्यसभा की सांसदी सिर्फ पार्टी फंड बटोरने के लिए होती है. क्या उसपर सिर्फ पैसे वालों का हक रह गया है. पहले भी झारखंड से धनपतियों को राज्यसभा भेजा जाता रहा है. बिहार से भी राज्यसभा में कुछ नये लोग जाने वाले हैं. ऐसे में निराला जी का यह आलेख प्रासांगिक है… जब बिरला जी…

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