तिनकठिया बंद हो गयी मगर कम नहीं हुआ अत्याचार #चंपारण-गांधी के बाद-2

चंपारण सत्याग्रह के बाद जब तिनकठिया प्रथा को खत्म करने का एक कानून बन गया और महात्मा गांधी को अहमदाबाद मिल मजदूरों के आंदोलन की वजह से यहां से जाना पड़ा तो शायद वे मन में एक संतुष्टि का भाव लेकर गये होंगे कि अब कम से कम नील किसानों को शोषण की उस संवेदनहीन प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा. मगर जब आप गांधी के चंपारण से जाने के बाद के दिनों पर गौर करेंगे तो पायेंगे कि यह खुशी बहुत अधिक दिनों तक बरकरार नहीं रही. इस बात के…

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