अच्छा ही तो है कि शेषन ओल्ड एज होम में अपनी उम्र वालों के साथ ताश खेल रहे होंगे

बुढ़ापा ओल्ड एज होम में गुजारना पड़ा. अपने समाज में इसे आज तक दुखदायक स्थिति मानी जाती है. मगर जो हालात हैं उसमें किसी अनचाही स्थिति में बेटे-बहुओं के घर में पड़े रहने से बेहतर है ओल्ड एज होम में आजाद जिंदगी जीना और मजे करना. शेषन के ओल्ड एज होम में पाये जाने पर जो भावुक माहौल बना है, उसके बारे में एक नयी निगाह है, वास्तिवकता की धरातल पर लाते हुए, दुनिया भर के ओल्ड एज होम के अनुभव और अपने देश की तल्ख सच्चाई अपने ही अंदाज…

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एक था चुनाव आयोग! टीएन शेषन और केजे राव के जमाने वाला

आजकल चुनाव आयोग फिर बहसों में है. मगर इस बार बहस उसकी निष्पक्षता को लेकर नहीं उसके संदिग्ध फैसलों की वजह से है. यह सच है कि इन दिनों आयोग की साख गिरी है और उसके अधिकारी कमजोर नजर आ रहे हैं. इन बहसों के बीच मिथिला विवि की प्रोफेसर उस दौर को याद करते हुए कुछ सवाल उठा रही हैं, जिस दौर में टीएन शेषन, लिंगदोह और केजे राव जैसे अधिकारियों की सख्त निगरानी में चुनाव हुआ करते थे. चंद्रमा देवी मेरा देश बदल रहा है. दिन प्रतिदनि परिवर्तन…

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