‘जंगलराज’ तो था मगर लालू के दौर में नहीं

निराला बिदेसिया जंगलराज. राजनीति में पिछले करीब दो दशक से बेहद लोकप्रिय शब्दों में से एक है यह. यूं तो पूरे हिंदी प्रदेशों में ही शगल और सनक की तरह सर चढ़ने के बाद सबसे पॉपुलर शब्द भी है यह. जिसे कोई शब्द नहीं आता, वह फटाफट इस शब्द का इस्तेमाल करता है. विरोधी या सत्ताधारी दल को गरियाने के लिए. उसे नीचा दिखाने के लिए. आतंक-हिंसा-अराजक-अनुशासनहीन राजकाज और राजपाट को परिभाषित करने के लिए. अपने भाषण, संबोधन, वार्ता आदि में ताश के पत्ते की तरह ‘जंगलराज’ शब्द को फेंटकर…

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