दशकों बाद हो रहे छात्रसंघ चुनाव से क्या बदलेगी बिहार के कॉलेज कैंपसों की सूरत?

आदित्य मोहन झा मौजूदा बिहार के राजनीति के सभी बड़े नेता छात्र राजनीति के उपज हैं. चाहे वो लालू प्रसाद यादव हों या नीतीश कुमार, सुशील मोदी हों या रामविलास पासवान. ये सभी कद्दावर नेता अपने छात्र जीवन मे जेपी आंदोलन से राजनीति में प्रवेश किए और फिर दशकों तक बिहार की राजनीति इन्हीं के आस-पास घूमती रही. शायद इसलिए इन्होंने सुनियोजित ढंग से छात्रसंघ चुनावों को विश्वविद्यालयों में बंद ही करवा दिया ताकि भविष्य में इन्हें ललकारने और इनसे टकराने के लिए कोई नई पौध ही न जड़ जमाए.…

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