चोरों के रहमोकरम पर है खंडहर में बदलती कोसी परियोजना की कर्मशाला

कोसी परियोजना के मुख्यालय होने की वजह से सुपौल जिले के बीरपुर कस्बे आज भी अलग तरह की रौनक दिखती है. यह रौनक उन दिनों अद्भुत हुआ करती थी, जब यहां भीमनगर बराज और कोसी तटबंध का निर्माण हुआ करता था. उस वक्त का जिक्र रेणुजी ने अपने उपन्यास परती परिकथा में किया है. हालांकि बड़ी उम्मीद से बनी बराज, बांध और नहरें हमारे क्षेत्र को कितनी समृद्धि दे पायी यह कहना मुश्किल है, मगर उस सुनहले दौर की यादें आसपास के निवासियों के मन में आज भी है. उन्हीं…

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