सलाम कीजिये इन बच्चियों को, इन्होंने अपनी सहेली को बाल विवाह का शिकार होने से बचाया

बिहार कवरेज बाल विवाह को लेकर राज्य सरकार मानव श्रृंखला जैसे तामझाम तो खूब करती है, मगर जमीन पर कोई बच्ची बाल विवाह का शिकार हो रही हो तो उसे बचाने की कोई सटीक व्यवस्था नहीं है. यह बात तब जाहिर हुई जब गया में बाल विवाह का शिकार हो रही एक बच्ची को बचाने के लिए उसकी सहेलियों ने हेल्पलाइन पर फोन किया मगर किसी ने फोन नहीं उठाया. बाद में इन लड़कियों ने खुद थाने जाकर शिकायत की और अपनी सहेली को बाल विवाह का शिकार होने से…

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महीने में चार से बारह दिन तक कभी भूखी-कभी आधे पेट सो जाती हैं बिहार की किशोरियां

इक्कीसवीं सदी में जहां दुनिया भर की औरतें बराबरी के अधिकार के लिए अलग-अलग तरह की लड़ाइयां लड़ और जीत रही हैं, वहां बिहार की किशोरियों के जीवन का यह स्याह सच आपको हैरत और शर्मिंदगी में डाल सकता है. एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा राज्य की किशोरियों के लिये आयोजित कार्यशालाओं के दौरान यह सच निकल कर सामने आया है कि बिहार की ज्यादातर किशोरियां अक्सर दिन में एक वक्त या कभी-कभी दोनों वक्त भूखी रह जाती हैं. मुजफ्फरपुर में यह आंकड़ा महीने में चार दिन का है तो जमुई…

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पटना में स्वागत कीजिये बाल विवाह के खिलाफ डट खड़ी हुई इन सौ किशोरियों का

ये किशोरियां कल शाम ही अलग-अलग जिलों से बिहार की राजधानी पटना पहुंच गयी हैं. इनकी खासियत है कि ये सभी अपने-अपने इलाकों में बाल विवाह के खिलाफ संघर्ष में जुटी हैं. या तो इन्होंने खुद को बाल विवाह का शिकार होने से बचाया है, या अपनी सहेलियों को. बिहार के पांच जिलों मुजफ्फरपुर, रोहतास, जमुई, शिवहर व पश्चिमी चम्पारण से आयीं ये किशोरियां अपने-अपने गांवों में समूह बनाकर रहती हैं और न सिर्फ बाल विवाह बल्कि किशोरियों के दूसरे अधिकार जैसे पढ़ाई-लिखाई, खेलना, बराबरी का हक आदि के लिए…

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