सिलेबस रटाने की दुकानों के बीच पटना के बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है किलकारी

पुष्यमित्र आज सुबह सवा नौ बजे जब तापमान सात या आठ डिग्री होगा, हमदोनों बाप-बेटी स्कूटी पर सिटसिटाये चले जा रहे थे. दस बजे तक तकरीबन 15 किमी की दूरी तय करके किलकारी भवन पहुंचना था. हमदोनों ने ढेर सारे कपड़े पहन रखे थे. हमदोनों को मालूम था कि मौसम की परेशानियों के बावजूद वहां पहुंचना है. आज तिया का वहां पहला क्लास था. कल किलकारी में नये बैच का इंट्रोडक्शन हुआ था. उनका ऑडिटोरियम खचा-खच भरा था. सीढ़ियों तक पर लोग बैठे थे. वहां हर तबके के बच्चे थे,…

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