क्या राजनीति की तसवीर बदलेंगी बिहार की ये महिलाएं?

पुष्यमित्र पिछले दिनों चुनावी यात्रा के दौरान जब मैं पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल मुख्यालय में किरण देवी से मिल रहा था, तब तृणमूल कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने और कांग्रेस द्वारा जीत के बाद महिला आरक्षण को पारित कराने की खबर आयी थी. आज जब यह खबर लिख रहा हूं तो बिहार में दोनों गठबंधनों ने मिलकर 80 में से सिर्फ नौ महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा है. उनमें भी ज्यादातर सजायाफ्ता मुजरिमों की पत्नियां हैं. कहीं रेप के सजायाफ्ता राजवल्लभ की पत्नी…

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महीने में चार से बारह दिन तक कभी भूखी-कभी आधे पेट सो जाती हैं बिहार की किशोरियां

इक्कीसवीं सदी में जहां दुनिया भर की औरतें बराबरी के अधिकार के लिए अलग-अलग तरह की लड़ाइयां लड़ और जीत रही हैं, वहां बिहार की किशोरियों के जीवन का यह स्याह सच आपको हैरत और शर्मिंदगी में डाल सकता है. एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा राज्य की किशोरियों के लिये आयोजित कार्यशालाओं के दौरान यह सच निकल कर सामने आया है कि बिहार की ज्यादातर किशोरियां अक्सर दिन में एक वक्त या कभी-कभी दोनों वक्त भूखी रह जाती हैं. मुजफ्फरपुर में यह आंकड़ा महीने में चार दिन का है तो जमुई…

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