तो क्या मोदी अविजेय हैं?

व्यालोक पाठक एक शब्द में इसका एक जवाब हो सकता है – नहीं. आखिर, हमारे पास दिल्ली और बिहार के नतीजे हैं दिखाने को. बिहार में तो चलिए डेढ़ साल बाद ही सही, पर अपने पुराने साथी नीतीश कुमार के साथ मिलकर भाजपा ने सरकार में साझीदारी तो कर ली है. दिल्ली का नासूर तो रह-रहकर प्रधानमंत्री के कलेजे में भी टीस देता ही होगा. यह बात भी दीगर है कि मई 2014 से अब तक जितने भी विधानसभा चुनाव हुए हैं, उनको टीवी चैनलों और आरामकुर्सी पर पसरे विशेषज्ञों…

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