हॉकरों को हक मिला और पटना में बढ़ गये अखबारों के दाम

बिहार कवरेज आज तीन दिन बाद अखबार हमारे घरों में गिरा. तीन दिन से अखबार से वंचित रह गये पटना वासियों को सुकून मिला. बजट के अगले दिन भी अगर अखबार नहीं मिलता तो लोगों के लिए बजट समझना मुश्किल हो जाता. क्योंकि बजट ऐसी चीज है कि जिसे आप टीवी देखकर समझ नहीं सकते. मगर क्या आपको खबर है कि इस बीच अखबारों के दाम बढ़ गये हैं. अपने अखबारों के पहले पन्ने पर देखिये. ज्यादातर अखबारों ने सूचना दी है कि उन्होंने अपनी कीमतें बढ़ा दी हैं. हिंदुस्तान…

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कोई खोया-खोया महसूस कर रहा है, कोई कह रहा है, अच्छा हुआ आदत छूटी

पुष्यमित्र सुबह सवेरे चाय के साथ अखबार पढ़ना कई लोगों की आदत है. चौबीस घंटे वाले न्यूज चैनल और सोशल मीडिया के इस घनघोर दौर में भी यह आदत छूटती नहीं है. इसके बावजूद कि अखबार इन दिनों सरकार चालीसा में बदल चुके हैं. फिर भी राजधानी से लेकर राज्य के कोने-कोने से खबरों के अपडेट एक साथ यहीं मिलते हैं. भले ही अखबार के 24 पन्ने दो मिनट में पलटे जा सकते हैं, फिर भी अखबार एक आदत की तरह बची हुई है. यह बात तब और गंभीरता से…

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