सुलिंदाबाद को स्वीडन बनाने में जुटे हैं अधिकारी, कल सीएम आयेंगे

कुमार आशीष

कुमार आशीष सहरसा के जाने-माने पत्रकार हैं, प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास योजनाओं की समीक्षा यात्रा पर चार जनवरी को जिले के कहरा प्रखंड के सुलिंदाबाद पहुचेंगे. समीक्षा यात्रा के दौरान सुलिंदाबाद गांव के वार्ड नंबर पांच में सात निश्चय योजनाओं का निरीक्षण करेगें. इसको लेकर जिला प्रशासन सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं को धरातल पर उतारने की में जूटी है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुलिंदाबाद स्थित एकलव्या सेंट्रल स्कूल के समीप मैदान में सभा को भी संबोधित करेगें. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन दिन-रात तैयारी में जूटी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार जनवरी को समीक्षा यात्रा के दौरान इसी गांव में सात निश्चय योजनाओं का निरीक्षण करेंगे. कोई चूक ना रह जाए इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है. हर घर शौचालय, नल-जल, बिजली, सड़क जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है. स्थानीय लोगों मे भी गांव की बदलती तस्वीर को देखकर काफी खुशी है.

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन तैयारी में जूट गई है. सुरक्षाव्यस्था का भी पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है.प्रभारी डीएम नवदीप शुक्ल, एसपी अश्विनी कुमार, सदर एसडीएम प्रशांत कुमार सहित जिला के तमाम अधिकारी सुलिंदाबाद पहुंचकर तैयारी में जूटे हैं. ज्ञात हो कि नीतीश कुमार इन दिनों समीक्षा यात्रा पर बिहार का भ्रमण कर रहे हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री उन जगहों पर जा रहे हैं, जहां वो अपने पिछले विकास यात्रा के दौरान गए थे. जिले के अधिकारी भी दिन-रात परिश्रम कर सुलिंदाबाद को स्वीडन बनाने पर तुले हुए है. अधिकारी सड़क, नाला, शौचालय, पेयजल, आवास, बिजली, स्वस्थ्य सहित सभी मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने को लेकर संकल्पित दिख रहे है.

देखने जायेंगे विकास

सीएम पंचायत के वार्ड नंबर पांच स्थित महादलित टोले में विकास को देखने भी जायेंगे. सरकार के सभी विभागों के अधिकारी वार्ड नंबर पांच को सात निश्चय के तहत तंदुरुस्त करने की कवायद में लगे हुए है. इस मोहल्लें के लगभग दो सौ घरों में रहने वाले पंद्रह सौ की आबादी को सरकार द्वारा प्रदत सभी प्रकार की सुविधाएं देने की कोशिश जा रही है. खासबात यह है कि इनलोगों के मवेशी के रहने के लिए भी कई पशु शेड बनवाये गये है. इसके अलावा वार्ड में पक्की सड़क, नाला, शौचालय, शुद्ध पेयजल आपूर्ति, बिजली वायरिंग, स्वास्थ्य सेवा का क्रियान्वयन किया गया है. गांव में सड़क किनारे ध्वस्त व बदहाल घरों के छप्पर भी सरकारी स्तर से बदले जा रहे है. इसके अलावा प्रशासनिक स्तर से गांव के सभी घरों में रंग-रोगन भी करवाया जा रहा है. गांव में नुक्कर नाटक के माध्यम से भी लोगों को सरकार व सूबे की उपलब्धि बतायी जा रही है. गांव के लोग भी खुश है कि जिन कार्यों के लिए पहले सरकारी कार्यालयों व जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाते थे आज सभी काम स्वयं पूरे हो रहे है.

शौचालय हमारा सम्मान है

वार्ड नंबर पांच में लगभग 170 घरों में शौचालय का निर्माण कराया गया है. शौचालय को सम्मान घर का नाम देते गुलाबी रंग से रंगा गया है. इस प्रक्रिया में मजदूर लगे हुए है. सात निश्चय के तहत हो रहे शौचालय निर्माण से ग्रामीण खुश है. उनके घर की महिलाओं को शौच के लिए बाहर नहीं जाना होगा. स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी द्वारा लगातार जागरुक किये जाने की वजह से पब्लिक भी शौचालय को लेकर जागरुक हुई है. हालांकि यह देखना भी दिलचस्प होगा कि आनन-फानन में घटिया निर्माण सामग्री से तैयार शौचालय कब तक सम्मान को बरकररार रख पाती है.

पहले कच्ची अब पीसीसी बन गयी सड़क

सीएम के कार्यक्रम से पूर्व इस टोले में कच्ची सड़क ही महादलितों के आवाजाही का जरिया बनी हुई थी. लेकिन बीते कुछ दिनों में ही स्थिति बदल गयी है. टोले में पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है. सड़क निर्माण से पूर्व ईट बिछायी गयी थी. जिसके उपर कंक्रीट की ढ़लाई कर पीसीसी बनायी गयी है. लोग कहते है कि अब बारिश के दिनों में होने वाली कीचर से परेशानी नहीं होगी. पहले रात के समय सड़क नहीं होने पर लोग टोले में एक जगह से दूसरी जगह आते जाते भी नहीं थी. उनका टोला भी शहर के मोहल्ले की तरह दिखने लगा है.

आरओ वॉटर मिलने से उत्साहित है लोग

गांव में पीएचइडी का एक भवन नाम मात्र का पहले से ही बना हुआ था. लेकिन समीक्षा यात्रा को लेकर संबंधित विभाग भी सजग हुई है. विभाग द्वारा प्रत्येक घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. घर-घर जल पहुंचने से ग्रामीण उत्साहित है. उनका कहना है कि शुद्ध पेयजल पीने से बीमारी नहीं होगी. विभाग द्वारा टोले में ही पांच हजार लीटर की क्षमता वाली टंकी लगायी गयी है. जिसमें आरओ संयंत्र के माध्यम से निकली पानी को स्टोर कर पाइप के माध्यम से गांव में लगाये गये वाटर पोस्ट पर आपूर्ति की जायेगी. विभाग द्वारा जलापूर्ति का ट्रायल भी किया जा चुका है. हालांकि इन संयंत्रों के मेंटेंनेंस को लेकर असमंजस की स्थिति अभी भी बनी हुई है.

जलनिकासी की समस्या का हुआ समाधान

महादलित समुदाय की इस आबादी को जलनिकासी की समस्या से हमेशा दो चार होना होता था. इसके समाधान के लिए भी गांव के प्रत्येक घरों को नाला से जोड़ने की कवायद की गयी है. प्रशासन द्वारा नाला निर्माण करा पाइप के जरिये घरों को जोड़ा गया है. गांव के लोग बताते है कि पहले गड्डा बना पानी जमा करते थे. लेकिन अब नाली बनने से राहत मिलेगी. विभाग द्वारा प्रत्येक घरों को नाला से जोड़ भी दिया गया है. फिलवक्त गांव के बाहरी क्षेत्र में खाली जमीन पर पानी की निकासी की गयी है.

सीएम के आने से फायदा, खुला हेल्थ सेंटर

सीएम के सात निश्चय कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा को प्राथिमकता में शामिल किया गया है. इसके तहत दशकों से पिछड़े सुलिंदाबाद में जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य उप केंद्र की स्थापना कर एएनएम की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गयी है. प्राथमिक चिकित्सा के उपकरण व दवाई के अलावा उप केंद्र को सजाया भी गया है. उप केंद्र पर नये-नये परदे भी लगाये गये है. अभी तो प्रशासन गांव पर ज्यादा मेहरबान नजर आ रही है. उप केंद्र पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाये गये है.

शहर में तो लगा नहीं, सुलिंदाबाद में कवर वायर

सीएम के आने की सूचना मिलने पर अमूमन राज्य सरकार के सभी विभाग व अधिकारी सुलिंदाबाद की सभी समस्या समाप्त कर देना चाहते है. इसी कड़ी में बिजली के पूराने तारों को बदल नये कवर वायर भी लगाये जा रहे है. ट्रांसफार्मर से लेकर मीटर तक बदल दिये गये है. जबकि शहर के कई मोहल्ले में अब भी बांस के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है. इतना ही नहीं महादलित टोले के प्रत्येक घरों में बिजली कनेक्शन व एलइडी बल्ब भी विभाग द्वारा लगाये जा रहे है.

दरवाजे की घेराबंदी भी होगी

सीएम के आने से पूर्व जिला प्रशासन सुलिंदाबाद में कोई कमी नहीं देखना चाहती है. इसके तहत लोगों के आवासीय परिसर को सुरक्षित व सुंदर बनाने का जुगाड़ भी शुरु कर दिया गया है. ग्रामीण बताते है कि बाउंड्री का काम अभी मुश्किल है, इसलिए बांस का फाटक बनाया जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कराया जा रहा है. इसके तीन जनवरी को लगा दिया जायेगा.

सड़क किनारे वृक्षारोपण भी जरुरी है

सड़क किनारे गांव के मुख्य व संपर्क पथ के दोनो तरफ छायादार व फलदार वृक्ष भी लगाये जा रहे है. इसमें ग्रामीण भी मदद कर रहे है. लोगों ने कहा कि गांव में लगभग पचास हजार से अधिक वृक्ष लगाये जा रहे है. इन सभी वृक्षों को विभाग द्वारा सुरक्षित रखने के लिए घेराबंदी भी किया जा रहा है.

स्कूल व आंगनबाड़ी भी तैयार है

गांव का स्कूल, मदरसा हो या आंगनबाड़ी केंद्र सभी जगहों पर व्यवस्था सुपर नजर आ रही है. शिक्षा विभाग से लेकर बाल विकास परियोजना के अधिकारी लगातार केंप कर रहे है. स्कूल में एमडीएम सहित सरकार द्वारा प्रदत सभी जनकल्याणकारी योजना चलायी जा रही है. गांव में बच्चों को स्कूल तक ले जाने के लिए शिक्षक भी संपर्क कर रहे है. आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका अपने ड्रेस में नजर आ रही है. गांव के लोग भी इस परिवर्तन को हतप्रभ होकर देख रहे है.

लोगों को जागरूक कर ही मानेंगे

जिला प्रशासन के निर्देश पर विभिन्न विभागों की टीम नुक्कर नाटक व दीवार लेखन के जरिये ग्रामीण को जागरुक करने का मेराथन प्रयास कर रही है. शीतलहर की वजह से लोग जहां घरों दुबके है वहीं प्रशासनिक अधिकारी व कर्मी बेटी के पिता की तरह बारात का भव्य स्वागत करने को गली-गली खाक छान रहे है. गांव की दीवारों पर दहेज प्रथा व शराबबंदी के विरोध में एक से बढ़कर एक कविता लिखी हुई है. टोले में पढ़े लिखे लोग निरक्षरों को उनका मतलब बताने भी व्यस्त दिख रहे थे.

इस टोले में नहीं आयेंगे नीतीश कुमार

सुलिंदबाद पंचायत के छह वार्ड को सीएम समीक्षा यात्रा से पूर्व सात निश्चय के तहत विकास के पैमाने पर तौलने के लिए चयनित किया गया था. एकसाथ इस सभी वार्डों में काम भी शुरु किया गया था. लेकिन बाद में सीएम के कार्यक्रम में हुए फेरबदल के बाद वार्ड नंबर पांच के अलावा वार्ड नंबर तीन में विकास का पिटारा खोला गया था. फिर जिले के अधिकारी इन दोनो वार्ड में सात निश्चय को पूरा करने में लग भी गये. इसके बाद सीएम यात्रा से पांच दिन पूर्व वार्ड नंबर पांच में भ्रमण कार्यक्रम तय होने के बाद वार्ड नंबर तीन से प्रशासन का ध्यान हट गया. वार्ड नंबर पांच में सरकारी अमला को लगा दिया गया. फिलवक्त वार्ड नंबर तीन में पीसीसी सड़क, नाला व शौचालय का काम आधा अधूरा कर छोड़ दिया गया है.

 

(प्रभात खबर में प्रकाशित)

Spread the love
  • 1
    Share

Related posts