कल से शुरू हो रहे शुकराना समारोह के लिए कितना तैयार है पटना?

इस साल की शुरुआत में गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाशोत्सव के भव्य आयोजन की वजह से भरपूर तारीफ बटोरने वाली बिहार सरकार ने तय किया था कि साल के अंत में वह ‘शुकराना समारोह’ भी मनायेगी. यह आयोजन भी उतना ही भव्य होगा. यह समारोह कल से शुरू हो रहा है, मगर इस समारोह की तैयारियां क्या उतनी ही पुख्ता है, इन सवालों का जवाब रविशंकर उपाध्याय की इस खबर में तलाश सकते हैं, जो प्रभात खबर में छपी है. उनके ब्लॉग जलशहर से साभार…

रविशंकर उपाध्याय

शुकराना समारोह पर ना केवल राजद के बंदी की मार पड़ने वाली है बल्कि देर से शुरू हुई तैयारियों का साइडइफेक्ट भी दिखने वाला है. राजद ने 21 दिसंबर को बालू के मुद्दे पर बंदी का प्लान तय कर रखा है जबकि 22 से ही मुख्य समारोह शुरू होने वाले हैं. आज और कल दो दिन ही लाखों की संख्या में सिख श्रद्धालु पूरे देश के साथ ही विदेशों से भी पटना पहुचेंगे. इसके पहले जब हमने तैयारियों का जायजा लिया तो वह भी अधूरी ही दिखी. देखिये आप तैयारियों को लेकर किये जाने वाले दावों की हकीकत:

दृश्य: 1:
मंगलवार दोपहर दो बजे का वक्त. बाइपास में बनाये जा रहे टेंट सिटी के रास्ते में जैसे ही हम प्रवेश करते हैं वहां पर सड़क की सफाई हो रही होती है. कोलतार गिराने के बाद सड़क बनायी जा रही है लेकिन जैसे ही टेंट सिटी में हम इंटर करते हैं वहां जमीन अभी तक उबड़ खाबड़ ही दिखायी देती है. अभी तक ना तो दरबार हॉल की दीवार को ना तो खालसा के निशान वाले पॉलिथीन से ढका गया है ना ही निशान-ए-साहिब ही लगाये गये हैं. जमीन खेत की तरह ही दिखायी दे रही है और सीएम के निर्देश के बाद एक रोड रोलर उसे समतल करने की जुगत में लगा हुआ है. यह काम अभी लंबे समय तक चलने की उम्मीद लग रही है.


दृश्य: 2:
पास के ही दरबार हॉल में मंच के लिए कार्ड बोर्ड काटे जा रहे हैं. मेन गेट के लिए थर्मोकॉल की पेंटिंग हो रही है. अभी तक ना तो कारपेट बिछाये गये हैं ना ही छत में परदे ही लगाये गये हैं. गांधी मैदान के आधी क्षमता यानी दस हजार श्रद्धालुओं के लिए बनाये जा रहे दरबार हॉल का काम पचास फीसदी बचा हुआ है. अभी सामान बिखरे पड़े हुए हैं और ग्राउंड फर्श का निर्माण भी बचा हुआ है.


सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350 वें प्रकाश पर्व की तरह ही समापन समारोह (जिसे शुकराना समारोह नाम दिया गया है) उसे भी सफल बनाने के लिए तैयारियां अब तक मुकम्मल नहीं हो सकी है. शुकराना समारोह शुरू होने में बस दो दिन शेष हैं लेकिन बाइपास टेंट सिटी में अभी तक ना जमीन समतल हो सकी है ना ही दरबार हॉल ही बन सका है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर प्रशासन के अधिकारियों के कई निरीक्षण के बाद भी काम आधे अधूरे पड़े हुए हैं. अब तक केवल टेंट सिटी का रिहायशी इलाका, प्रशासनिक भवन और लंगर हॉल ही पूरी तरह बन सका है बाकी सभी काम अधूरे पड़े हुए हैं.

शुक्रवार को बाइपास टेंट सिटी के दरबार हॉल में शुरू होना है दीवान

शुक्रवार यानी 22 दिसंबर को ही बाइपास की टेंट सिटी के दरबार हॉल में दीवान शुरू होने वाले हैं. यहां अमृतसर और पटना साहिब के साथ ही विशेष हजूरी रागी जत्त्थे का कार्यक्रम तय है. अरदास और हुकमनामे का भी आरंभ किया जाना है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी शुक्रवार को शाम में ही आयेंगे. इसके बाद भी तैयारियां अधूरी है. हालांकि टेंट सिटी निर्माण के लिए चयनित एजेंसी का कहना है कि वे सभी काम 21 दिसंबर को पूरा कर लेंगे.

”टेंट सिटी का 80-85 फीसदी काम पूरा हो गया है. दरबार हॉल और वीआइपी लाउंज के साथ ही जोड़ा घर और एडमिन ब्लॉक बनाने की हमारी जिम्मेवारी है, इसे हर हाल में पूरा कर लेंगे. आप यहां पर जो अव्यवस्था देख रहे हैं, उसे हम समय से पहले पूरा कर लेंगे. ग्राउंड लेवलिंग और सामान हटाने का काम ही बचा हुआ है”
– नीरज रैना, जीएम ऑपरेशन, लल्लू जी एंड संस

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