जुमलों में नहीं, पक्का काम करने में विश्वास करते हैं नीतीशे कुमार

रोशन कुमार मैथिल

बिहार के मुख्यमंत्री जुमला करने में नहीं बल्कि काम करने में विश्वास करते हैं. शायद यहीं कारण है कि आज बिहार में बहार है नीतीशे कुमार है. अगर ऐसे ही वो काम करते रहें और लक्ष्य प्राप्त करते रहें तो आशा करते हैं कि आगे भी सत्ता पर काबिज रहेंगे. जानकारों की मानें तो नीतीश कुमार भले कुछआ की चाल चलते हैं, लेकिन मंजिल तक समय पर पहुंचकर विजयी प्राप्त करना जानते हैं.

पत्रकार रोशन कुमार मैथिल

वर्ष 2005 में जब नीतीश कुमार राजग गठबंधन में सीएम बनें तो बिहार की स्थिति अतिदयनीय थी. बिजली, पानी और सड़क जैसे मूल सुविधाओं के लिए भी यहां के लोग तरस रहे थे. फिर एक दौड़ आया. लोगों ने बहुमत देकर नीतीश कुमार के हाथ में बिहार की सत्ता सौंपी. लोगों को निराश किए बिना सीएम नीतीश कुमार धीरे धीरे बिहार की गाड़ी को पटरी पर ले जाने लगे. सड़क से लेकर पुल पुलिया निर्माण में बिहार सरकार ने महत्वपूर्ण कार्य किए. परिणामस्वरूप नीतीश कुमार दोबारा चुनाव में जीत गए. अब लोगों को बिजली की कमी खल रही थी. जिला मुख्यालय में भी आठ से बारह घंटे मात्र बिजली उपलब्ध हो रहा था. इसी बीच नीतीश कुमार ने एक नारा दियाबिजली नहीं तो वोट नहीं.

पहली बार में सुनने में लोगों को आश्चर्य लगा कि यह काम बिहार सरकार के लिए उतना आसान नहीं है. सड़क और पुल बनाना अलग बात है. बिजली उपलब्ध करवाना कोई बच्चों का खेल नहीं है. इसी बीच 2014 लोक सभा के दौरान भाजपा और जदयू अलग अलग राह चल पड़े. नीतीश अपने नारे पर डंटे रहे चुनावी वर्ष आने के बाद भी वो बोलते रहे कि बिजली नहीं तो वोट नहीं. विधान सभा 2016 के चुनाव से पहले अधिकांश गांव में बिजली पहुंचा दी गई. विधान सभा चुनाव में जब पीएम मोदी लोगों से पूछते थे कि सड़क और बिजली मिली तो बिहार की जनता मोदी के बदले नीतीश के साथ एकजूट हो खड़ी रहती थी. संभवत: यह भी एक कारण था कि लालू से गठबंधन करने के बाद भी नीतीश कुमार चुनावी महाभारत जीत गए.

आज 27 दिसम्बर है. बिहार सरकार ने मेहनत के दमपर गांवगांव में बिजली पहुंचाई है. लगभग 18 से बीस घंटे बिजली उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं. बिहार सरकार का लक्ष्य है कि अगले साल 2018 तक बिहार के सभी घरों में बिजली कनेक्श्न कर दिया जाएगा. भले यह लक्ष्य समय पर पूर्ण हो या ना हो लेकिन बिजली क्षेत्र में बिहार सरकार का काम सराहनीय है.

बिजली विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नीतीश ने जहां एक ओर अपनी पीठ थपथपाई वहीं अधिकारियों को इशारे ही इशारे में संदेश दे बैठे. समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि बिजली उत्पादन और वितरण में काफी सुधार हुआ है. राज्य में 1800 करोड़ की लागत से हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है. हमने बिहार में सबसे पहले हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा जिसे बाद में केंद्र ने अपनाया. बिहार में बिजली के लिये सरकार सब्सिडी दे रही है. सब्सिडी से बिजली का दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी. सीएम ने कहा स्पॉट बिलिंग हमारा बेहतर प्रयास है. बिलिंग का काम समय पर होने से कई घाटे कम होंगे.

नीतीश कुमार भाषण देते जा रहे थे. बीच बीच में सभा करतल ध्वनी से गूंजायमान हो रही थी. अचानक मेरे मन में ने कहा किजुमला में नहीं काम करने में विश्वास करते हैं नीतीश, सच कर दिखाया बिजली नहीं तो वोट नहीं का नारा

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