निराला को पीर मोहम्मद मूनिस पुरस्कार

हम सबके प्रिय निराला जी को कल एक संस्था ने पीर मोहम्मद मूनिस पुरस्कार से सम्मानित किया है. निराला जी की पत्रकारिता से आप सभी लोग परिचित हैं. प्रभात खबर में घुमंतू पत्रकारिता और तहलका के लिए बिहार और झारखंड की पत्रकारिता करते हुए ये बिहार-झारखंड की सांस्कृतिक विरासत के इनसाइक्लोपीडिया बन गये हैं. जाहिर सी बात है कि वे हर तरह के पुरस्कार के स्वाभाविक हकदार हैं. इस पुरस्कार समारोह के दौरान जो आयोजन हुआ उसकी प्रेस रिलीज संस्था के संचालक ने भेजी है. उसे हम यहां ज्यों का त्यों पेश कर रहे हैं.

जलज कुमार अनुपम

हम और आप फाउंडेशन का चौथा स्थापना दिवस समारोह दिनांक 30 दिसंबर 2017 को अपराह्न तीन बजे से बीआईए सभागार (तीसरी मंजिल), सिन्हा लाइब्रेरी रोड में आयोजित किया गया. सर्वप्रथम फॉउन्डेशन के महासचिव गुलरेज़ शहज़ाद ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था का परिचय कराया. उक्त कार्यक्रम में भोजपुरी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी को लोक साहित्य के शलाका पुरूष पंडित गणेश चौबे सम्मान और पत्रकारिता के लिए श्री निराला को पीर मोहम्मद मूनिस पत्रकारिता सम्मान दिया गया. दोनों में सम्मान स्वरूप ग्यारह हजार की राशि,अंग वस्त्रम, प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया.

जिसमें अतिथि के रूप में प्रख्यात कवि आलोक धन्वा, भोजपुरी भाषा-साहित्य के विद्वान रचनाकार ब्रजभूषण मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक, निगरानी सुशील कुमार, जॉइंट कमिश्नर, कस्टम(विशाखापट्टनम) असलम हसन मौजूद थे. उद्घाटन सत्र का संचालन प्रख्यात नाटक निर्देशक अजीत कुमार ने किया. फॉउन्डेशन के अध्यक्ष जलज कुमार अनुपम ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हम और आप फाउंडेशन इसी तरह से समाज के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के हित को केन्द्र मानकर जो भी काम करेगा हम और आप फाउंडेशन उसे प्रोत्साहित करेगा. अगले साल से हम कला के क्षेत्र मे भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान सम्मान और समाजिक सरोकार के लिए दशरथ माँझी सम्मान दिया जाएगा.

सम्मान समारोह के बाद द्वितीय सत्र में ब्रजभूषण मिश्र की अध्यक्षता में एक कवि सम्मेलन सह मुशायरा का आयोजन किया गया जिसका सफल संचालन आकाशवाणी (उर्दू प्रभाग) के कार्यक्रम अधिशासी शंकर कैमूरी ने किया. मुशायरा सह कवि सम्मेलन में कसौटी जदीद के संपादक अनवर शमीम,बिहार प्रार्थना गीत के रचयिता एम०आर०चिश्ती, प्रेम किरण, संजय कुंदन, रुखसाना सिद्दीकी, असलम हसन, राजेश कमल, गुलरेज़ शहज़ाद, जलज कुमार अनुपम आदि ने अपनी कविताओं और ग़ज़लों का पाठ किया.

काव्य पाठ की शुरुआत बिहार गीत से हुई. धन्यवाद ज्ञापन फॉउन्डेशन के सचिव रवि शंकर सिंह ने किया. इस मौके पर हम‌ और आप फाउंडेशन के प्रमुख सदस्य रवि रौशन, निशांत, अभिषेक खत्री, ऋषिका सिंह, तैयब हुसैन इत्यादि मौजूद थे.

 

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