Good News-नये साल पर फेसबुक ने मिलाया दस साल पहले बिछड़े मां-बेटे को

आपने फेसबुक-वाट्सएप पर किसी गुमशुदा की शेयर होती तस्वीरें खूब देखी होंगी, मगर इन शेयर होती तस्वीरों के जरिये एक मां और बेटे के मिलन का किस्सा अपने पड़ोस में घटित होता मैं पहली बार देख रहा हूँ. यह किस्सा भागलपुर का है, जहां नये साल के पहले दिन तेलंगाना की एक वृद्ध महिला का मिलन उसके बेटे से हुआ. इस मिलन का दिलचस्प बयान एक सज्जन ने फेसबुक पर किया है, जो इस प्रसंग का गवाह था.

साकेत विनायक

नववर्ष पर 10 सालों से बिछड़े एक परिवार का मिलन! एक पुत्र जो 10 सालों बाद अपनी बिछड़ी माँ से मिल रहा था! कितना भावनात्मक पल रहा होगा जिसकी कल्पना मात्र से रोम रोम रोमांचित हो उठता है. माँ-बेटे दोनों की आंखों में आँसू थे लेकिन ये आँसू कितने सुखद थे, कि रुलाते हुए भी हम सबको-हुसैना बेगम-उनके बेटे इरफान एवं सभी प्रशाशनिक अधिकारियों सबों को एक सुखद अनुभूति एवं नववर्ष पर हमें हर्षित एवं पुल्लकित होने का अवसर प्रदान कर रही थी. ये आँसू माँ-बेटे के दस साल बाद के मिलन के थे.

सर्वप्रथम परमपिता परमेश्वर का नमन जिन्होंने संकल्प ह्यूमन वेलफेर सोसायटी के सदस्यों के नववर्ष की शुरुआत हेतु एक पटकथा लिखी एवं इस शुभ कार्य की जिम्मेदारी हमें प्रदान की. उसके पश्चात गढवाल पोलिस और इस पुनीत कार्य की सफलता में जिनका भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से भुमिका रही उनको भी साधुवाद-नमन.

मित्रों, जैसा कि आप सबों को पता होगा, इस ठंड जरूरतमंदो हेतु कंबल वितरण अभियान के तीसरे चरण में हमारी संकल्प ह्यूमन वेलफेर सोसायटी टीम 23 दिसम्बर’ 2017 सुल्तानगंज (भागलपुर) स्टेशन पहुंची, जहाँ प्लेटफार्म नम्बर 1 पर हमें हुसैना बेगम से मुलाकात हुई. बातचीत के क्रम में पता चला कि ये सालों पूर्व गढवाल (तेलंगाना) से भटक कर सुल्तानगंज स्टेशन पर आ गयी. जहाँ पर वो मांग-चाग कर अपना जीवन येन-केन प्रकारेण व्यतीत कर रही थी. संकल्प ह्यूमन वेलफेर सोसायटी के सदस्यों ( Ajay Kanodia, Uttam Debnath, Imran Khan, Kaushal Tyagi, Anand Shankar, Abhijeet Gupta, Alok Agrawal Saket Vinayak ) ने इनसे हुए बातचीत की रिकार्डिंग एवं परिवारिक सूचनाओं को फेसबुक एवं वाट्सप की माध्यम से सभी जगह वायरल कर दिया. ईश्वर की महिमा ही कहें इसे, हमें भी नहीं पता था कि इसके सुखद परिणाम इतनी जल्दी सामने आ जाएँगे. पर धुन के पक्के उत्तम दा (Uttam Debnath) एवं हमारे सभी साथी गूगल एवं फेसबुक पर गढवाल पोलिस के फेसबुक पेज को खोज निकाला एवं वहाँ इन जानकारियों को उस पेज पर पोस्ट किया. गढवाल पोलिस कप्तान (एसएसपी) इस खबर को पढते हरकत में आये और हुसैना बेगम द्वारा बताये पते से उनके बेटे को खोज निकाला और हमारे दिए फोटो एवं विडियो को उनके पुत्र मो इरफान को दिखा, बेटे को अपनी खोयी माँ को पहचानने में कोई परेशानी नहीं हूई. उसके बाद गढवाल पोलिस ने एक पोलिस कांस्टेबल के साथ हुसैना बेगम के बेटे मो इरफान को सुल्तानगंज के लिए भेज दिया. इस बीच संकल्प ह्यूमन वेलफेर सोसायटी की टीम खासकर उत्तम देवनाथ गढवाल पोलिस एवं मो इरफान के संपर्क में रहे.

आज सुबह 1-1-2018 को मो इरफान पोलिस कांस्टेबल के सुल्तानगंज स्टेशन पहुंचे और उसके बाद माँ-बेटे के इस अद्भुत मिलन के साक्षी सुल्तानगंज स्टेशन मास्टर श्री दीपक जी, आर पी एफ इन्चार्च (सुल्तानगंज स्टेशन) श्री तिवारी, संकल्प ह्यूमन वेलफेर सोसायटी के सदस्य एवं सभी मीडिया के उपस्थित पत्रकार एवं वरिष्ठ छायाकार बंधु रहें. सुल्तानगंज स्टेशन मास्टर एवं आरपीएफ इन्चार्च ने सभी जरूरी कार्यवाही के पश्चात गढवाल पोलिस कांस्टेबल एवं मो इरफान को उनकी माँ हुसैना बेगम को सौंप दिया.,

शायद इससे अच्छी हमारे नववर्ष की शुरुआत नहीं हो सकती थी. हमारे सभी साथियों के लिए बस यहीं कहूँगा-

इन्ही बिगड़ी मिज़ाजो में छिपे खुशियों के लच्छे हैं!
हमें पागल हीं रहने दो, कि हम पागल ही अच्छे हैं!

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