पूर्णिया में नहीं लगी पंचलैट तो इस शख्स ने करा लिया है पूरा सिनेमा हॉल बुक

कहते हैं, अक्सर छोटे-छोटे शहरों में बड़े-बड़े काम हो जाया करते हैं. यह खबर इसी बात का नमूना है. पिछले दिनों रेणु की कहानी पर बनी फिल्म पंचलैट रिलीज हुई थी. रेणु के पुराने शहर पूर्णिया के लोग अपने लेखक की कहानी पर बनी इस फिल्म को देखना चाहते थे. मगर शहर के किसी हॉल में यह फिल्म रिलीज नहीं हुई. ऐसे में एक दीवाने ने अपने शहर के एक सिनेमा हॉल का एक पूरा शो ही बुक करा लिया है. वह अपने शहर के बुजुर्गों को यह फिल्म मुफ्त…

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बाल विवाह रोकने के लिए किशोरियों ने बिहार सरकार को दिये कमाल के टिप्स

पिछले दिनों राजधानी पटना में बिहार के अलग-अलग जिलों की सौ किशोरियां जुटी थीं. दो दिन के कार्यक्रम के दौरान उन्हें कई जानकारियां हासिल कीं, अपने मसलों पर चर्चाएं कीं, मौज-मस्ती कीं और जाते-जाते बिहार सरकार को कई सुझाव देकर गयीं. ये सुझाव उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, समाज कल्याण मंत्री और पंचायत मंत्री को सौंपे हैं. ये ऐसे सुझाव हैं कि अगर सरकार इन पर अमल करे तो बाल-विवाह की समस्या से आसानी से निजात पाया जा सकता है. इनमें कुछ ऐसे सुझाव भी हैं जो किशोरियों…

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बिहार के इस गांव ने तय किया है, अब किसी की मौत पर नहीं होगा भोज

सांकेतिक तसवीर रूपेश कुमार मृत्यु भोज की प्रथा गरीबों को कैसे भीतर से तोड़ देती है यह किस्सा हम प्रेमचंद के गोदान के वक्त से पढ़ते आये हैं. हम सब जानते हैं कि कई बार इसके लिये ली गयी कर्ज को दूसरी पीढ़ी भी झेलती है. मगर हम इस क्रूर सामाजिक परंपरा को आज तक बदल नहीं पाये. पैसे वाले लोग श्राद्ध भोज को किसी जश्न की तरह करते हैं और दसियों लाख लुटाते हैं, जैसे इससे उनकी प्रतिष्ठा बढ़ती हो, गरीबों के लिए यह परंपरा बोझ बन जाती है.…

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पटना में स्वागत कीजिये बाल विवाह के खिलाफ डट खड़ी हुई इन सौ किशोरियों का

ये किशोरियां कल शाम ही अलग-अलग जिलों से बिहार की राजधानी पटना पहुंच गयी हैं. इनकी खासियत है कि ये सभी अपने-अपने इलाकों में बाल विवाह के खिलाफ संघर्ष में जुटी हैं. या तो इन्होंने खुद को बाल विवाह का शिकार होने से बचाया है, या अपनी सहेलियों को. बिहार के पांच जिलों मुजफ्फरपुर, रोहतास, जमुई, शिवहर व पश्चिमी चम्पारण से आयीं ये किशोरियां अपने-अपने गांवों में समूह बनाकर रहती हैं और न सिर्फ बाल विवाह बल्कि किशोरियों के दूसरे अधिकार जैसे पढ़ाई-लिखाई, खेलना, बराबरी का हक आदि के लिए…

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150 लोगों का देहदान सबसे बड़ी उपलब्धि है सुशील मोदी के बेटे के आदर्श विवाह की

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के पुत्र के विवाह में बिना दान दहेज के, बिना भोज-भात के शादी होने की बात तो खूब प्रचारित हुई. जो एक बात सबसे कम प्रचारित हुई वह यह कि इस विवाह समारोह में 150 के करीब लोगों ने संपूर्ण देहदान की लिखित सहमति दी है. हालांकि इस लिखित सहमति को वास्तविक दान में बदलना बड़ी चुनौती होती है, मगर एक ही दिन में इतने लोगों की देहदान की सहमति एक बड़ी घटना है. विवाह में आये इन लोगों ने देहदान की सहमति…

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19-20 साल ने इन दो लड़कों ने कहा, आइये करें कोसी के सवालों पर बात

बाढ़, पलायन, अशिक्षा और भीषण गरीबी से जूझने वाला कोसी क्षेत्र हर साल मानसून के सीजन में मीडिया की सुर्खियां बटोरने लगता है. अचानक कई कोसी विशेषज्ञ सामने आ जाते हैं. बाढ़ का पानी जब तक गांवों को डुबोता रहता है, कोसी चर्चा भी तभी तक होती है. बाढ़ का पानी उतरते ही मीडिया से कोसी चर्चा भी उतर जाती है. कभी ऐसा नहीं होता कि लोग एकजुट होकर बतियायें कि कोसी क्षेत्र की यह हालत क्यों है? इसका समाधान क्या है? अगले साल पहली दफा यह काम होने जा…

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‘नेट आजादी’ के इस नायक को भूल नहीं सकता सहरसा, पूर्णिया और बेगूसराय

न्यूट्रलिटी यानी भारत में नेट की आजादी पर आखिरी मोहर लगा दी है. यानी अब इंटरनेट प्रोवाइडर ऐसा नहीं कर पायेगा कि फेसबुक, व्हाट्सएप जैसी साइटों को बेहतर स्पीड दे और आपकी हमारी छोटी-छोटी साइटों के साथ स्पीड के मामले में भेदभाव करे. अब फ्री इंटरनेट के नाम पर गूगल, फेसबुक या एयरटेल जैसी कंपनियों को एकाधिकार जमा लेने का मौका नहीं मिलेगा. यह भारत के करोड़ों नेट यूजरों की बड़ी जीत है. मगर क्या आप जानते हैं कि पूंजीवाद के इस दौर में इन भारी-भरकम कंपनियों के खिलाफ किसने…

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जब पूर्णिया की गुड़िया ने संसद भवन में किशोरियों के लिए आवाज उठायी

बासु मित्र किशोरियों का मसला बिल्कुल अलग है. वे न बच्ची होती हैं, जिन्हें बहुत अधिक संरक्षण की जरूरत होती हैं. न ही वे युवा होती हैं, जिन्हें सबकुछ करने का संवैधानिक अधिकार मिला होता है. मगर नीतिगत कमियों की वजह से वे इन दोनों पाटों के बीच पिसती रहती हैं. मगर इस साल वैश्विक बाल दिवस(20 नवंबर) का दिन भारत भर की किशोरियों के लिए खास रहा. क्योंकि इस मौके पर संसद में जिन आठ बच्चों को सांसदों को संबोधित करने का मौका मिला, उनमें पूर्णिया की किशोरी गुड़िया…

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सोशल मीडिया का दम- धड़ाधड़ मुआवजा राशि लौटा रहे हैं फर्जी बाढ़ पीड़ित

इन दिनों बिहार के किशनगंज जिले के कोचाधामन में उल्टी गंगा बह रही है. अब तक 292 फरजी बाढ़पीड़ितों ने सरकारी खजाने में 17.52 लाख जमा कराये हैं. इतना ही नहीं पंचायत प्रतिनिधि भी पीड़ितों से लिया गया कमीशन वापस कर रहे हैं. खबर सीमांचल नामक फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप के खुलासे से यह दबाव बना है. पुष्यमित्र किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड में इन दिनों उल्टी गंगा बह रही है. ऐसे लोग जिन्होंने गलत जानकारी देकर बाढ़ पीड़ितों का मुआवजा हासिल कर लिया था, वे अब  मुआवजा लौटा रहे हैं. अब तक…

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कहानी उन देहाती औरतों की जिन्हें नेसडेक्स ने माना वायदा कारोबार का एक्सपर्ट

बासुमित्र सात सितंबर की उस शाम को धमदाहा की लाल देवी और शमशीदा खातून कभी भूल नहीं सकतीं. नई दिल्ली के ताजमहल होटल में उन्हें रामविलास पासवान और अर्जुन मेघवाल जैसे केंद्रीय मंत्री के हाथों पुरस्कृत होने का मौका मिला. और यह अवसर भी एक ऐसे काम के लिए जिसमें अर्थशास्त्र के बड़े-बड़े ज्ञाता दिमाग खपाते रहते हैं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिएटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (नेसडेक्स) ने इन्हें वायदा कारोबार में इनकी दक्षता और सूझबूझ के लिए कृषि प्रगति पुरस्कार से सम्मानित किया. ये औरतें भले ही बहुत पढ़ी लिखी न हों, मगर खरीद-बिक्री…

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