सात साल तक बिना पेशी के जेल में पड़े रहे, दो दिन पहले पेश हुए तो अदालत ने कहा इनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है

बिहार कवरेज यह पिछले सात साल से जेल में बंद कथित नक्सली नेता विजय आर्य की कहानी है. पुलिस और सरकार कहती है कि वे नक्सली हैं, जबकि उनके परिवार वाले कहते हैं कि वे एक राजनैतिक-सामाजिक कार्यकर्ता हैं. सामंतों के कुकर्मों के खिलाफ गरीबों के हक की लड़ाई लड़ते रहे हैं. वर्षों से बंद पड़े गुरारू चीनी मिल के मजदूरों के हक की लंबी लड़ाई उन्होंने लड़ी है. इसी संघर्ष की ताकत से घबराकर तत्कालीन बिहार सरकार ने उन्हें नक्सली घोषित कर दिया है. बहरहाल सवाल यह नहीं है…

Read More

हैप्पी वेलेंटाइन्स डे सुशील मोदी जी, जरा अपने संगठन और अपनी पार्टी की सोच भी बदलिये

पुष्यमित्र अगर मैं कहूंगा कि वेलेंटाइन्स डे की शुभकामनाओं के असली हकदार सुशील मोदी जैसे व्यक्ति हैं तो आप हैरत में पड़ जायेंगे. मगर सच यही है. उनके जैसा आशिक मिलना मुश्किल है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे कट्टर हिंदूवादी संस्था का सदस्य रहने के बावजूद प्रेम किया तो केरल की एक कैथोलिक युवती से और कहते हैं कि उस युवती से विवाह करने के लिए उन्होंने अपना अजीवन अविवाहित रहने का प्रण भी तोड़ दिया. सच्चे अर्थों में ऐसे व्यक्ति को ही वेलेंटाइन्स डे का ब्रांड अंबेस्डर बनाया जाना चाहिए.…

Read More

सरकारें यही चाहती है की कॉलेज में क्लासेज बंद रहे

आदित्य मोहन झा सरकारें यही चाहती है की कॉलेज में क्लासेज बंद रहे, आपके बच्चे गेस पेपर पढ़के परीक्षा दें और प्रोफेसर पैरवी देख के नम्बर. डिग्री लेने के बाद कुछ दिन आरएस अग्रवाल, प्रतियोगिता दर्पण रगड़ के बैंक-एसएससी-रेलवे की तैयारी हो और फिर हार के आपके बच्चे बिहार संपर्क क्रांति के स्लीपर बोगी में फाइन देके दिल्ली निकल जाए नौकरी करने. वो चाहते ही नहीं कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई हो और लोग पढ़ लिख के योग्य बनें, नहीं तो उनकी भ्रष्ट, जाति-धर्म और नकारापन से भरी राजनीति पे सवाल…

Read More

अगर सारे बजरंगी पकौड़ा तलने लगे तो आपकी पार्टी का क्या होगा अध्यक्षजी

पुष्यमित्र सुना है, अध्यक्षजी ने कल संसद में कहा है कि बेरोजगार रहने से बेहतर है पकौड़ा बेचना. नीति वाक्य के तौर पर इस वाक्य से कतई असहमत नहीं हुआ जा सकता. खास तौर पर मेरे जैसा आदमी जो खाना पकाने, खाने और खिलाने से बेहतर किसी और काम को मानता ही नहीं है. और उसमें भी पकौड़ा… क्या बात है. यह अलग बात है कि आजकल पकौड़े को सेहत के लिए नुकसानदेह मान लिया गया है. बीपी-सुगर जैसी बीमारियों ने आम लोगों को भी इस लजीज व्यंजन के स्वाद…

Read More

चौबीस साल साल से बिहार की नदियों पर कोई अध्ययन नहीं हुआ है नीतीश जी

नीतीश कुमार जी की मासूमियत का कोई जवाब नहीं. कल वे एनआईटी में छात्रों से बोल आये कि आपको बिहार की नदियों पर अध्ययन करना चाहिए. मगर उनकी सरकार का जल संसाधन विभाग नदियों पर क्यों अध्ययन नहीं करता, इस बारे में वे कुछ नहीं बोले. हकीकत यह है कि 1994 के बाद बिहार की नदियों पर कोई अध्ययन नहीं हुआ है. जबकि कायदे से हर दस साल में जलसंसाधन विभाग को इरिगेशन कमीशन का गठन कर इन नदियों का अध्ययन कराना चाहिए था. नीतीश कुमार ने कल ठीक कहा…

Read More

पीरियड एक फ़िल्म भर का मुद्दा नहीं है

अपनी बात- अरुणाचलम मुरुगनाथम जिसके जीवन पर यह फिल्म पैडमैन बन रही है ने लो-कॉस्ट सेनेटरी नैपकीन इसलिए तैयार किया था कि देश की गरीब महिलाओं को भी सस्ता नैपकीन मिल सके. वे इसे बड़ी नैपकीन कंपनियों के लाभ का धंधा बने नहीं रहने देना चाहते थे. इसलिए उन्होने कम कीमत में छोटी-छोटी मशीनें बनायी, बाद में उन्हें देश भर की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उपलब्ध कराया. उनकी मुहिम ब्रांडेड सेनेटरी नैपकीन कंपनियों के खिलाफ थी. मगर अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन मुरुगनाथम की संवेदनशील कहानी को भुनाने…

Read More

केंद्र सरकार ने दबा लिया बिहार के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के 12541.83 करोड़ रुपये

उज्ज्वल कुमार केंद्र सरकार का बिहार से हकमारी का नया खुलासा सामने आया है. वर्ष 2014 से नरेन्द्र मोदी सरकार सत्ता में आते ही ‘सर्व शिक्षा अभियान’ का बिहार के हिस्से में लगातर कटौती की है वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 तक केंद्र सरकार ने अपने फंड अंश दान से 12541.83 करोड़ रुपये की कटौती की है. बिहार सरकार ने वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के लिए 42568.41 करोड़ का बजट अप्रूव किया, जिसमे केंद्र सरकर को 25043.51 करोड़ रुपया देना था. लेकिन केंद्र सरकार ने मात्र…

Read More

आनंद मोहन की शरण में राजद का सामाजिक न्याय, क्या यह दांव चलेगा?

कहते हैं राजनीति एक शतरंज की बिसात होती है और कई दफा लंबे समय से एक जगह रखा हुआ प्यादा जो अमूमन किसी काम का नजर नहीं आता, मौका पड़ने पर बाजी पलट सकता है. और आनंद मोहन तो कोई प्यादा नहीं है. वजीर नहीं तो उसकी हैसियत हाथी या घोड़े से कम नहीं. खबर है कि राजद के चाणक्य उनसे मिलने जेल पहुंच गये हैं. बिहार में विपक्षी राजनीति की धुरी तैयार की जा रही है. जिसमें केंद्र में लालू को रख कर एक तरफ मांझी और कुशवाहा को…

Read More

किस्सा मुजफ्फरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में सात साल से चल रही एक बीफ फैक्टरी का

बिहार कवरेज एक सरकारी इंडस्ट्रियल एरिया. एक अरबों की एक बीफ फैक्टरी. दो पार्टनर, एक हिंदू-एक मुसलमान. सात साल पुरानी कंपनी और किसी को कोई खबर नहीं. यह किस्सा मुजफ्फरपुर का है. चार रोज पहले जब इस फैक्टरी पर छापा पड़ा और यहां के राज सामने आने लगे तो शहर के लोगों की भी आंखें हैरत से फटी रह गयीं. ताज्जुब तो इस बात का था कि इस बात की जानकारी होने से इंडस्ट्रियल एरिया के अधिकारियों और वहां की स्थानीय पुलिस भी इनकार कर रहे थे. 29 जनवरी को…

Read More

बजट 2018- प्राइवेट अस्पतालों का खुराक साबित होगी स्वास्थ्य बीमा योजना

बिहार कवरेज इस बजट में हेल्थ सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणाएं हुई हैं. पहली घोषणा है ओबामा केयर के तर्ज पर मोदी केयर जैसी स्वास्थ्य बीमा को लागू करने की. इसके तहत 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा का लाभ देना है. अमेरिका में ओबामा केयर काफी हिट रहा था. इस योजना के बाद ओबामा की वापसी भी हुई थी. संभवतः उसी को भारत में लागू कराकर मोदी सरकार राजनीतिक लाभ लेना चाहती है. मगर सवाल यह है कि क्या भारत का हेल्थ सेक्टर हेल्थ इंश्योरेंस…

Read More