जहर मिलता रहा, जहर पीते रहे, रोज मरते रहे, वोट करते रहे…

गया पहुंचते ही मेरे मार्गदर्शक मगध जल जमात के सक्रिय सदस्य प्रभात कुमार ने मुझे चेता दिया कि भूल से भी गया शहर के किसी होटल का पानी नहीं पीजियेगा, आप पचा नहीं पायेंगे. वैसे भी पानी की जो विषैली गंध है वही आपको उस पानी को पीने नहीं देगी. हमलोग तो दो घंटे के लिए भी बाहर निकलते हैं तो पानी की बोतल साथ में रख लेते हैं. हालांकि मगध के इलाके के पानी के लिए प्रभात कुमार ने जो टिप्पणी की थी वह मेरे लिए चौकाने वाली नहीं…

Read More