लाशों का कोई धर्म नहीं होता प्रधानमंत्री जी, इस देश को तालिबान बनने से बचा लीजिये

उपासना झा हिंदी के नई पीढ़ी की चुनिंदा संवेदनशील कवियों में से एक हैं. वे उन लोगों में से हैं, जो विचारधाराओं के पूर्वाग्रह के मुक्त होकर अपनी बात रखती हैं. मगर कल की राजसमंद की घटना ने उन्हें इस कदर उद्वेलित कर दिया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खुली चिट्ठी लिख दी है. इस पत्र को सरकारी दल और उसके समर्थकों को जरूर पढ़ना चाहिए. क्योंकि यह उन लोगों की आवाज है, जो पिछली सरकार के ऊबी हुई थी और नये निजाम से बदलाव की…

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झारखंड के मंत्री की बिहार की अर्थव्यवस्था पर किताब, आज पटना में होगी लॉंच

आज से पटना पुस्तक मेले की शुरुआत हो रही है. इसे पटना पुस्तक मेला, 2017 भी नहीं कह सकते हैं, क्योंकि यह साल की शुरुआत में लग चुका है. हां, पटना पुस्तक मेला, 2017 पार्ट-2 कह सकते हैं. बिहार सरकार के सहयोग से आज शुरू हो रहे इस पुस्तक मेले में झारखंड के एक मंत्री की लिखी किताब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों लॉंच हो रही है. उद्घाटन समारोह में. इस समारोह में मुख्य अतिथि हिंदी-मैथिली की लेखिका उषा किरण खान होंगी. समय का लेख. जी हां, यही नाम है…

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जानिये, आज से शुरू हो रहे ‘भोजपुरिया महाजुटान’ में कौन-कौन जुटेंगे, क्या-क्या होगा?

भोजपुरी मतलब सिर्फ द्विआर्थी भोजपुरी सिनेमा और गाने नहीं है. भोजपुरी मतलब जिंदादिली है. जीवन के अपार कष्टों के बीच हंसने-हंसाने और मस्त रहने का हुनर है. बाजारवाद की भेंट चढ़ गयी इस पहचान को फिर से जगाने के लिए आखर संस्था हर साल किसी गांव में जुटान करता है और गीत-संगीत की मस्ती के जरिये भोजपुरिया स्वाभिमान को जगाने की कोशिश करता है. आज से यह महाजुटान एक बार फिर पंजवार में होगा. आखर के साथियों ने यह जानकारी भेजी है. 3 दिसम्बर  को भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ…

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