एबीपी के वीडियो में साफ दिख रही है ‘गुंडा-गर्दी’, क्या कार्रवाई करेंगे सुशासन बाबू?

बिहार कवरेज

एबीपी बांग्ला का फुटेज सामने आने के बाद बिहार की मीडिया का वह धड़ा सकते में है, जो कल बंगाल के तारापीठ में बिहार के नगर विकास मंत्री की पिटाई की खबर पर उग्र हो गया था और पश्चिम बंगाल की सरकार पर कार्रवाई की मांग करने लगा था. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बंगाल सरकार को शिकायत करने का मन बना लिया था.

वीडियो देखिये-

एबीपी बांग्ला के फुटेज से जाहिर है कि मंत्री महोदय और उनके बॉडीगार्ड होटल सोनार बांग्ला के रिसेप्शन काउंटर पर दबंगई दिखा रहे हैं और किसी लोकल दादा की तरह व्यवहार कर रहे हैं. दिलचस्प जानकारी है कि इन्हीं मंत्री महोदय के बारे में आज अखबारों में खबर छपी है कि वे राज्य के सबसे अमीर मंत्री हैं, मगर इस फुटेज में वे किसी सड़क छाप गुंडे की तरह दिख रहे हैं.

क्या एक मंत्री की यह हरकत राज्य की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाती? तेजस्वी गलत क्या कह रहे हैं. उन्होंने सुबह-सुबह यह ट्वीट किया है-

इसके अतिरिक्त दूसरा बड़ा सवाल यह है कि होटल सोनार बांग्ला की तरफ से दर्ज एफआईआर में मंत्री महोदय के अंगरक्षकों को नशे में धुत बताया गया है. एक ऐसा राज्य जहां शराबबंदी है, जो देश को शराबबंदी की राह पर ले जाना चाहता है. अगर उस राज्य के मंत्री के अंगरक्षक दूसरे राज्य में नशे में धुत होकर गुंडागर्दी करें तो क्या यह बिहार की छवि खराब नहीं करता.

इन तथ्यों से अवगत होने के बाद नीतीश कुमार क्या कदम उठाते हैं यह देखा जाना है. वे अपने मंत्री का बचाव करते हैं, या उनके इस घटिया कृत्य की वजह से उन्हें भी उसी तरह बाहर का रास्ता दिखाते हैं, जिस तरह उन्होंने तेजस्वी यादव के मामले में करने की कोशिश की थी और अपनी सरकार तक को दांव पर लगा दिया था. यह अब देखने की बात होगी.

बहरहाल तेजस्वी यादव आज ट्विटर पर लगातार सरकार और मंत्री पर इस मुद्दे को लेकर हमला कर रहे हैं. वे तो मंत्री के मेडिकल जांच की मांग भी कर रहे हैं. यह सर्वविदित है कि बिहार में शराबबंदी के बाद लोग नशे के लिए झारखंड और बंगाल के इलाके में चले जाते रहे हैं. इनमें देवस्थानों की यात्राएं भी शामिल है. झारखंड के देवघर में तो बड़ी संख्या में लोग पूजा-पाठ के साथ नशे के लिए भी जाते रहे हैं.

इस एफआईआर से यह प्रतीत हो रहा है कि मंत्री महोदय के अंगरक्षक नशे में थे. अब तेजस्वी ने बिना कहे यह कहने की कोशिश की है कि मंत्री महोदय तारापीठ पूजा-पाठ के लिए नहीं बल्कि नये साल के मौके पर दारू पार्टी के लिए गये थे. नीतीश जी जिस नैतिकता की बात करते हैं, उसे उनके मंत्री नहीं मानते और चोरी-छिपे नशा सेवन करते हैं.

यह सामान्य आरोप नहीं है. वीडियो फुटेज और एफआईआऱ से कई चीजें जाहिर हैं. तेजस्वी के आरोप में भी दम है. अब देखना है कि नीतीश क्या फैसला करते हैं.

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