सड़कों पर सन्नाटा है, उदासीन वोटर बीरबल की खिचड़ी पका रहे हैं

पुष्यमित्र एक मित्र ने फोन करके पूछा, कल पहले चरण का प्रचार खत्म हो जायेगा. अब बताइये क्या माहौल है? जवाब में अनायास मेरे मुंह से निकल गया, प्रचार अभियान शुरू कब हुआ, और माहौल कहीं दिख कहां रहा है? जवाब में उन्होंने सहमति जताई और कहा कि ट्रैजेडी यह है कि कई इलाकों में लोगों को अब तक मालूम नहीं है कि कैंडिडेट कौन है? पिछले एक माह से अधिक वक्त से बिहार के अलग-अलग इलाकों में घूम रहा हूं. लगभग आधा बिहार घूम लिया है. इस दौरान एक…

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रोजगार, सिंचाई और बेहतर इलाज, क्या सचमुच यही बिहार के वोटरों की चुनावी प्राथमिकताएं हैं?

एडीआर का सर्वे चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर पैनी नजर रखने वाली संस्था एसोसियेशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म(एडीआर) ने आज एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के वोटरों के लिए तीन प्रमुख मुद्दे रोजगार, सिंचाई और बेहतर इलाज हैं. एडीआर की यह रिपोर्ट बिहार के सभी 40 लोकसभा सीटों के 20 हजार वोटरों के बीच कराये गये सर्वेक्षण पर आधारित है. इसके मुताबिक 49.95 फीसदी वोटरों ने रोजगार के बेहतर अवसर को अपनी पहली प्राथमिकता बताया, 41.43 फीसदी मतदाताओं ने खेती के लिए जल की उपलब्धता को…

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