ट्रेन जैसी बोगियों में रहते बच्चे और असुरक्षित नौकरी के बीच पिसते शिक्षक, यही है बिहार के ‘नेतरहाट’ की कहानी

पुष्यमित्र जमुई गया तो सिमुलतला आवासीय विद्यालय को देखने के मोह से खुद को बचा नहीं सका. इन दिनों जब बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडियेटड के रिजल्ट आते हैं तो टॉप टेन में ज्यादातर यहीं के बच्चे होते हैं. मैं देखना चाहता था कि आखिर वह कैसा विद्यालय है, जहां एक साथ इतने मेधावी बच्चे पढ़ते हैं. जमुई स्टेशन पर साढ़े तीन घंटे के इंतजार और ईएमयू ट्रेन पर सवार होकर करीब डेढ़ घंटे की यात्रा के बाद जब उस स्कूल तक पहुंचा तो पहली बात यही मन में आयी…

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