जब राशन कार्ड के लिए मारे-मारे फिरते हैं शहीदों के बच्चे #धमदाहागोलीकांड

बासुमित्र सन 1942, जब देश में अहसयोग आंदोलन पूरे चरम पर था, लोग अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा रहे थे. उस समय आंदोलन का प्रभाव पूर्णियां जिले के धमदाहा और आसपास के क्षेत्रो में भी था. धमदाहा में भी 25 अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो नारे की गूंज थी. लोग तिरंगा फहराने और थाने को जलाने के लिए आगे बढ़ रहे थे तभी अचानक ब्रितानी पुलिस ने क्रांतिकारियों को रोकने के लिए फायरिंग का सहारा लिया, पुलिस फायरिंग में 14 लोग शहीद हुए और न जाने कितने लोग…

Read More