आइये याद करें आदि विद्रोही तिलका मांझी को

आज तिलका मांझी की जंयती है. 268 वीं. हिंदुस्तान के आजादी के इतिहास में तिलका मांझी की हैसियत आदि विद्रोही वाली होनी चाहिए थी. इस पहाड़िया लड़का ने उस वक्त अंगरेजी राज के खिलाफ बिगुल फूंका था, जब ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में सेटल ही हो रही थी. कहा जाता है कि 1783 में उसने भागलपुर के तत्कालीन कलेक्टर क्लीवलैंड को तीर मार कर मौत के घाट उतार दिया था. वह पहाड़िया जनजाति ही थी जिससे अंगरेज सबसे अधिक खतरा महसूस करते थे. पलासी की युद्ध के बाद जब बंगाल…

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विचारधाराओं की खूनी जंग से जख्मी एक बौद्ध मुल्क में हिंदुओं का सबसे बड़ा मंदिर

मिहिर झा सोशलिज्म कितना खूनी हो सकता है? पूंजीवाद कितना खूनी हो सकता है? किसी देश के इतिहास का एक ऐसा कालखंड जब विभिन्न विचारधाराओं के एक के बाद एक इम्प्लीमेंटेशन ने 30 लाख (कुल आबादी का २१%) लोग मार दिए. कुछ आंकड़ों पर नज़र डालें. कम्बोडिया को फ्रेंच उपनिवेशवाद से 1953 में आजादी मिली. राजसत्ता वापस कम्बोडिया के राजकुमार सिंहनूक के हाथ में गयी. भयंकर गरीबी में जी रही जनता के राजा का सबसे प्रिय कार्य था सिनेमा बनाना! खुद ही लिखते, खुद ही डायरेक्ट करते, खुद ही अभिनय…

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