जब राशन कार्ड के लिए मारे-मारे फिरते हैं शहीदों के बच्चे #धमदाहागोलीकांड

बासुमित्र सन 1942, जब देश में अहसयोग आंदोलन पूरे चरम पर था, लोग अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा रहे थे. उस समय आंदोलन का प्रभाव पूर्णियां जिले के धमदाहा और आसपास के क्षेत्रो में भी था. धमदाहा में भी 25 अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो नारे की गूंज थी. लोग तिरंगा फहराने और थाने को जलाने के लिए आगे बढ़ रहे थे तभी अचानक ब्रितानी पुलिस ने क्रांतिकारियों को रोकने के लिए फायरिंग का सहारा लिया, पुलिस फायरिंग में 14 लोग शहीद हुए और न जाने कितने लोग…

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पनिया के जहाज से पलटनिया बनि अइहौ पिया…

खबर आई है कि बिहार की सात बड़ी नदियों को केंद्र सरकार ने अपनी राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजना में शामिल कर लिया है. इस परियोजना में जहां देश भर की 111 नदियां हैं, बिहार की गंगा, कोसी, गंडक, घाघरा, सोन, पुनपुन और कर्मनाशा नदी भी है. एक बार यह परियोजना पूरी हो जाये तो फिर इन नदियों में भी पानी के जहाज चलेंगे. गंगा में तो चल भी रहे हैं. बंगाल के हल्दिया से यूपी के इलाहाबाद तक 1620 किमी लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग एक है, जिसका बड़ा हिस्सा बिहार में पड़ता…

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नई एमएसपी राहत तो देगी, मगर डेढ़ गुना वाली बात भद्दा मजाक है

मोदी सरकार ने किसानों के उपज की एमएसपी बढ़ा दी है. यह एमएसपी सौ-दो सौ टका बढ़ा कर सरकार कह रही है कि अब किसानों को उसकी लागत का डेढ़ गुना मिल जायेगा. हालांकि आज देश के किसान जिस स्थिति में हैं, उसमें उन्हें जो भी मिल जाये वह लाभ ही है. मगर यह कहना कि उन्हें उनकी लागत का डेढ़ गुना मिलेगा एक क्रूर मजाक है. दुखद तो यह है कि सरकार ने ऐन चुनावी साल में ऐसी घोषणा करते हुए यह भी नहीं बताया कि उन्होंने किसानों की…

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सांसद निधि से कबीर शोध संस्थान और बहुजन चेतना केंद्र खोल रहे हैं मनोज झा

खबर आयी है कि राज्यसभा सांसद मनोज झा अपनी सांसद निधि से आज मेरे गृह जिला पूर्णिया में कबीर शोध संस्थान और बहुजन चेतना केंद्र खोलने की घोषणा करने वाले हैं. यह केंद्र पूर्णिया के कबीर मठ जीवन ज्योति केंद्र के परिसर में शुरू होगा. उसमें शोध संस्थान के साथ-साथ पुस्तकालय, चर्चा केंद्र, ई-पुस्तकालय और वृद्धाश्रम भी होगा. उनकी योजना इसे मुख्यालय के रूप में विकसित करने की है और बाद में इससे जोड़कर अन्य जिलों में भी ऐसे केंद्र खोलने की उनकी योजना है. मेरे हिसाब से सांसद निधि…

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मेरे लिये किसी के टॉप होने से बड़ी खबर है कोमल का मैट्रिक पास करना

कल बिहार में दसवीं का रिजल्ट आया है. आज मीडिया में हर तरफ उन बच्चों का जिक्र है जो अपने राज्य या अपने जिले के टॉपर हैं. ऐसे में कहलगांव के हमारे पत्रकार मित्र प्रदीप विद्रोही एक अलग ही कहानी लेकर आये हैं. यह कहानी कोमल की है, महादलित जाति की कोमल को वैसे तो सिर्फ 42.4 फीसदी अंक आये हैं. मगर उसकी कहानी इसलिए महत्वपूर्ण है कि 150 साल से बसे भागलपुर के घोघा के मुशहरी टोला की वह पहली मैट्रिक पास है. 50-60 घरों के उस टोले में…

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दिल्ली में हर पेड़ पर्यावरण के हक में डटा सिपाही है, हम अपने ही रक्षकों की अकारण बलि कैसे दे सकते हैं

पेड़ लगाओ-पेड़ लगाओ आओ भैया पेड़ लगाओ सब मिलजुलकर पेड़ लगाओ गड्ढा खोदो पेड़ लगाओ   पेड़ बताओ क्या देता है पंथी को छाया देता है सबको साफ हवा देता है चिड़ियों को वह घर देता है. तकरीबन 29-30 साल पहले की बात है, जब मैंने यह कविता लिखी थी. अपने स्कूल के एक प्ले के लिए, जिसका नाम था पेड़वा कटाइल हो रामा. इस प्ले का प्रदर्शन बाद में रांची के बिरसा स्टेडियम में भी हुआ था, जिसे तीसरा पुरस्कार मिला था. आज याद करता हूं तो लगता है…

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न मेढकों की शादी से बारिश होगी, न विभाग का नाम बदलने से

  इन दिनों जब मध्य प्रदेश में मंत्री महोदय मेढ़कों की शादी करवा रहे हैं, ताकि बारिश जल्द हो, बिहार की राजधानी पटना में पूर्वी राज्यों के प्रतिनिधि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम पर पड़ने वाले इसके कुप्रभाव की चर्चा करने और इसका समाधान तलाशने के लिए जुटे हैं. यह सरकारों के एप्रोच का फर्क है. एक सरकार का नुमाइंदा अपने आवाम को पुरातनपंथी सोच की तरफ ले जाने की कोशिश में है, तो दूसरी सरकार का मुख्यमंत्री कह रहा है, बिहार में लगातार बारिश कम हो रही है. हम पर्यावरण…

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एक आरटीआई एक्टिविस्ट की हत्या

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज कस्बे में एक आरटीआई एक्टिविस्ट की हत्या हो गयी। इन दिनों आरटीआई एक्टिविस्ट भी लगभग उसी तरह के खतरों की जद में हैं, जिस तरह का खतरा निष्पक्ष और सत्ता विरोधी पत्रकार झेलते हैं। मगर आरटीआई एक्टिविस्ट की हत्या पर उतना शोर नहीं मचता जितना पत्रकारों और लेखकों की हत्या पर मचता है। आरटीआई एक्टिविस्ट राजेन्द्र सिंह उसी अरेराज के रहने वाले हैं, जिस इलाके के जितवारपुर गांव के रवीश कुमार NDTV इंडिया के मशहूर एंकर हैं। वे भी अक्सर सत्ता पक्ष के लोगों…

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क्या पटना सीखेगा रोहतास के इस गांव से साफ-सफाई का सबक?

आनंद कुमार रोहतास आबादी के लिहाज से इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यहाँ प्रति हज़ार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की गिनती ज्यादा है। औसत हर 1000 पुरुषों पर यहाँ 1036 महिलाऐं हैं। सिर्फ आंकड़ों के लिहाज से देखें तो कुछ चीज़ें अजीब भी लगेंगी। जैसे महिलाओं की गिनती ज्यादा होने के वाबजूद बाल विवाह की दर 15-19 वर्ष की स्त्रियों में 38% के आस पास है और परिवार नियोजन के उपाय अपनाने वाले करीब 45% लोगों में पुरुष भागीदारी ना के बराबर है। 40% के लगभग स्त्री-बंध्याकरण पर…

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आखिर कब तक जमीन सवालों से मुंह चुरायेगी राजनीति

हरेश कुमार सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह की बातें तो ठीक है, लेकिन बिहार की चीनी मिलों, किसानों की बकाया राशि और वर्तमान स्थिति के बारे में भी कुछ कहना चाहेंगे? ओलावृष्टि से शिवहर जिला समेत बिहार के लाखों किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है इसपर कोई एक शब्द नहीं बोल रहा. हवा-हवाई मुद्दों से आप ज्यादा तक राजनीति नहीं कर सकते. वास्तविक समस्याओं से कब तक मुंह चुराएंगे. शिवहर अकेला जिला है जो रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ा है. शिवहर के नागरिकों को कहीं भी जाना हो तो रेल सेवा…

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