150 लोगों का देहदान सबसे बड़ी उपलब्धि है सुशील मोदी के बेटे के आदर्श विवाह की

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के पुत्र के विवाह में बिना दान दहेज के, बिना भोज-भात के शादी होने की बात तो खूब प्रचारित हुई. जो एक बात सबसे कम प्रचारित हुई वह यह कि इस विवाह समारोह में 150 के करीब लोगों ने संपूर्ण देहदान की लिखित सहमति दी है. हालांकि इस लिखित सहमति को वास्तविक दान में बदलना बड़ी चुनौती होती है, मगर एक ही दिन में इतने लोगों की देहदान की सहमति एक बड़ी घटना है.

विवाह में आये इन लोगों ने देहदान की सहमति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी संस्था दधिचि देहदान समिति को लिखित तौर पर दी है. यह संस्था पिछले 23-24 सालों से इस क्षेत्र में काम कर रही है. इस संस्था की कोशिशों से अब तक 180 से अधिक लोगों ने देहदान की प्रक्रिया पूरी की है, जिसमें नानाजी देशमुख जैसे व्यक्तित्व शामिल रहे हैं. अब तक 8500 लोगों ने देहदान की सहमति दी है.

संस्था से जुड़े हर्ष मलहोत्रा बताते हैं कि वैसे तो पटना में देहदान के आवेदन के लिए लगा काउंटर उनकी पटना इकाई ने लगाया था, बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी खुद जिस इकाई के अध्यक्ष रहे हैं. मगर उनकी जानकारी में वहां 150 से अधिक लोगों ने संपूर्ण देहदान के आवेदन पर हस्ताक्षर किये हैं. यह बड़ी उपलब्धि है. क्योंकि हमें 8500 लोगों का आवेदन हासिल करने में 23-24 साल लग गये.

वे कहते हैं कि यह सुशील जी की खासियत है कि उन्होंने अपने प्रयास से यह काम करा लिया है.

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